PM SVANidhi Yojana: केंद्र सरकार ने रेहड़ी-पटरी और छोटे व्यापारियों को आर्थिक मजबूती देने के उद्देश्य से 1 जून 2020 को पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि यानी पीएम स्वनिधि योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के जरिए स्ट्रीट वेंडरों को अपना कारोबार बढ़ाने और दोबारा खड़ा करने के लिए आसान ऋण उपलब्ध कराया जाता है।12 जुलाई 2026 तक योजना के तहत बड़ी संख्या में लाभार्थियों ने ऋण की दूसरी और तीसरी किस्त का लाभ लिया है। आंकड़ों के अनुसार, दूसरी किस्त लेने वाले स्ट्रीट वेंडरों की संख्या 29,71,195 और तीसरी किस्त लेने वालों की संख्या 8,49,471 रही है।
स्वनिधि से समृद्धि योजना से मिल रही सामाजिक सुरक्षा
पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत 4 जनवरी 2021 को ‘स्वनिधि से समृद्धि’ घटक की शुरुआत की गई थी। इसका उद्देश्य स्ट्रीट वेंडरों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।इस पहल के तहत पात्र लाभार्थियों और उनके परिवारों को केंद्र सरकार की 8 प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाता है। 12 जुलाई 2026 तक 50.63 लाख पीएम स्वनिधि लाभार्थियों और उनके 1.06 करोड़ परिवार के सदस्यों का सामाजिक और आर्थिक विवरण तैयार किया जा चुका है। इसके आधार पर कुल 1.56 करोड़ मंजूरियां भी जारी की गई हैं।
अध्ययन में सामने आया योजना का सकारात्मक असर
इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, हैदराबाद ने पीएम स्वनिधि योजना के प्रभाव को समझने के लिए वर्ष 2023 और 2025 में अध्ययन किया।वर्ष 2023 में देशभर के 100 शहरी स्थानीय निकायों में 5,000 से अधिक लाभार्थियों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि 95 प्रतिशत लाभार्थियों के लिए पीएम स्वनिधि के माध्यम से मिला ऋण उनका पहला औपचारिक बैंक ऋण था। इन लोगों ने इस राशि का उपयोग अपने छोटे कारोबार को आगे बढ़ाने में किया।
2025 के अध्ययन में कारोबार बढ़ने की जानकारी
वर्ष 2025 में किए गए अध्ययन में देश के 99 शहरी स्थानीय निकायों के 5,000 से अधिक लाभार्थियों को शामिल किया गया। इनमें करीब 60 प्रतिशत लोग ऐसे थे, जो 2023 के अध्ययन का भी हिस्सा रहे थे।अध्ययन के अनुसार, 2023 से 2025 के बीच पीएम स्वनिधि योजना के तहत ऋण लेने वाले स्ट्रीट वेंडरों की वार्षिक कारोबारी आय में औसतन करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
वेंडरों के लिए बनी क्रेडिट हिस्ट्री का माध्यम
अध्ययन में यह भी सामने आया कि सभी ऋण चक्रों को मिलाकर करीब 30 प्रतिशत लाभार्थियों के पास पीएम स्वनिधि ऋण के अलावा अन्य ऋण भी मौजूद हैं। इससे पता चलता है कि यह योजना उन छोटे कारोबारियों के लिए औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था तक पहुंच बनाने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है, जिनके पास पहले क्रेडिट हिस्ट्री नहीं थी।इसके अलावा, योजना से जुड़े स्ट्रीट वेंडरों में डिजिटल भुगतान के इस्तेमाल में भी काफी बढ़ोतरी देखी गई है।
आर्थिक मजबूती के साथ जीवन स्तर में सुधार
पीएम स्वनिधि योजना का प्रभाव केवल कारोबार तक सीमित नहीं रहा है। अध्ययन में पाया गया कि इस योजना ने छोटे व्यापारियों को आर्थिक परेशानियों से उबरने में मदद की है।ऋण सुविधा मिलने से वेंडरों की आमदनी और खर्च के बीच संतुलन बेहतर हुआ है। इसके साथ ही परिवारों को बेहतर जीवन स्तर, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच और बच्चों की शिक्षा में भी सहायता मिली है।कुल मिलाकर, पीएम स्वनिधि योजना छोटे व्यापारियों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा देने की दिशा में अहम भूमिका निभा रही है।

