नई दिल्ली। ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे की ओर से बड़ा बदलाव किए जाने की जानकारी सामने आई है। खासतौर पर जनरल और स्लीपर कोच में सफर करने वाले यात्रियों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है। रेलवे ने लंबी दूरी की करीब 3200 ट्रेनों को 24 कोच वाले LHB रैक में बदलने की योजना बनाई है।
इस बदलाव का उद्देश्य ट्रेनों में यात्रियों की बढ़ती संख्या के मुकाबले उपलब्ध सीटों और कोच की क्षमता को बढ़ाना है। खासकर उन यात्रियों को राहत मिल सकती है, जिन्हें जनरल कोच में अत्यधिक भीड़ के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
हर ट्रेन में कम से कम 4 जनरल और 6 से 8 स्लीपर कोच का लक्ष्य
रेलवे की प्रस्तावित व्यवस्था के तहत लंबी दूरी की ट्रेनों में जनरल और स्लीपर कोच की संख्या बढ़ाई जाएगी। जानकारी के मुताबिक, प्रत्येक ट्रेन में कम से कम 4 जनरल कोच और 6 से 8 स्लीपर कोच रखने की योजना है।
कोच की संख्या बढ़ने से यात्रियों के लिए उपलब्ध जगह और सीटों की क्षमता में इजाफा होगा। इसका सीधा असर जनरल कोच में होने वाली अत्यधिक भीड़ पर पड़ सकता है। वहीं स्लीपर यात्रियों को भी ज्यादा सीट उपलब्ध होने की उम्मीद है।
दिल्ली से मुंबई और चेन्नई तक इन बड़े रूटों पर पहले मिलेगा फायदा
रेलवे की योजना में उन रेल मार्गों को प्राथमिकता दिए जाने की बात कही गई है, जहां यात्रियों की संख्या लगातार ज्यादा रहती है। इनमें दिल्ली, मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, पुणे और चेन्नई जैसे बड़े शहरों से जुड़े प्रमुख रूट शामिल हैं।
इन शहरों में रोजगार और कारोबार के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। ऐसे में इन मार्गों पर अतिरिक्त जनरल और स्लीपर कोच जोड़ने से नियमित यात्रियों के साथ त्योहारों के दौरान घर लौटने वाले लोगों को भी फायदा मिल सकता है।
त्योहारों के सीजन में भीड़ संभालने में मदद कर सकता है फैसला
रक्षाबंधन, दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की संख्या अचानक काफी बढ़ जाती है। इस दौरान खासतौर पर लंबी दूरी की ट्रेनों में टिकट और सीटों की मांग बढ़ने के साथ जनरल कोच में भीड़ काफी ज्यादा हो जाती है।
ऐसे समय में अतिरिक्त जनरल और स्लीपर कोच उपलब्ध होने से रेलवे की यात्री क्षमता बढ़ेगी। इससे यात्रियों को घर पहुंचने के लिए ज्यादा विकल्प मिलने और भीड़ का दबाव कम होने की उम्मीद है।
इन लोकप्रिय ट्रेनों में बढ़ सकते हैं अतिरिक्त कोच
अतिरिक्त कोच जोड़ने की संभावित सूची में कई महत्वपूर्ण लंबी दूरी की ट्रेनें शामिल बताई जा रही हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- वैशाली एक्सप्रेस
- श्रमजीवी एक्सप्रेस
- बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस
- पुरुषोत्तम एक्सप्रेस
- मगध एक्सप्रेस
- अवध-असम एक्सप्रेस
हालांकि किसी विशेष ट्रेन में कोच जोड़ने की अंतिम व्यवस्था रेलवे के परिचालन और उपलब्ध रैक के आधार पर तय की जाएगी।
जनरल कोच बढ़ने से सिर्फ सीट नहीं, सुरक्षा के लिहाज से भी फायदा
जनरल डिब्बों में क्षमता से अधिक यात्रियों की मौजूदगी लंबे समय से बड़ी समस्या रही है। कई बार भीड़ इतनी ज्यादा हो जाती है कि यात्रियों को खड़े होकर लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
अगर जनरल कोच की संख्या बढ़ती है तो यात्रियों का दबाव अलग-अलग डिब्बों में बांटा जा सकेगा। इससे अत्यधिक भीड़ कम करने और यात्रा के दौरान होने वाली असुविधाओं को घटाने में मदद मिल सकती है।
लंबी दूरी के यात्रियों को मिलेगा ज्यादा आराम, आगे और ट्रेनों में भी बदलाव की संभावना
स्लीपर कोच की संख्या बढ़ने से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए उपलब्ध बर्थ की संख्या बढ़ेगी। इससे वेटिंग लिस्ट का दबाव कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
रेलवे की योजना केवल चुनिंदा ट्रेनों तक सीमित नहीं रहने की संभावना है। यात्रियों की मांग और भीड़ के आंकड़ों को देखते हुए आने वाले समय में अन्य ट्रेनों में भी जनरल और स्लीपर कोच बढ़ाए जा सकते हैं।
अगर यह योजना निर्धारित तरीके से लागू होती है, तो रोजाना लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए खासकर त्योहारों और व्यस्त सीजन में सफर कुछ ज्यादा सुविधाजनक हो सकता है।

