राउरकेला: ओडिशा के राउरकेला स्थित पानपोश सर्किट हाउस से बंदूक बरामद होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। रघुनाथपल्ली पुलिस ने हथियार जब्त करते हुए मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब हथियार के स्रोत, उसे सर्किट हाउस तक लाने की वजह और उसके संभावित इस्तेमाल की दिशा में जांच कर रही है।गिरफ्तार युवकों में एक राउरकेला के प्लांटसाइट इलाके का रहने वाला है, जबकि दूसरा बरहमपुर का निवासी बताया गया है।
21 जुलाई से बुक थे दो सुइट, अब हथियार मिलने से जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस के अनुसार, राउरकेला के एक युवा भाजपा नेता ने 21 जुलाई से पानपोश सर्किट हाउस में दो सुइट बुक कराए थे। इसी अवधि में दोनों गिरफ्तार युवक भी वहां ठहरे हुए थे।अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी सर्किट हाउस में करीब 25 दिनों तक दो सुइट बुक कराने की जरूरत क्यों पड़ी। इस दौरान वहां कौन-कौन लोग आते-जाते रहे और उनकी गतिविधियां क्या थीं, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
बंदूक लाइसेंसी है या अवैध, पुलिस कर रही दस्तावेजों की जांच
हथियार बरामद होने के बाद पुलिस का एक अहम फोकस यह पता लगाना है कि बंदूक वैध लाइसेंस के तहत रखी गई थी या अवैध तरीके से वहां लाई गई थी।यदि हथियार लाइसेंसी पाया जाता है तो पुलिस उसके दस्तावेज और स्वामित्व की जांच करेगी। वहीं, अवैध हथियार होने की स्थिति में आरोपियों पर संबंधित कानूनी धाराओं के तहत अतिरिक्त कार्रवाई हो सकती है।
CCTV और सर्किट हाउस के रिकॉर्ड भी जांच के घेरे में
पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने के लिए पुलिस सर्किट हाउस के रिकॉर्ड की जांच कर सकती है। इसके अलावा वहां तैनात कर्मचारियों से पूछताछ और उपलब्ध CCTV फुटेज की पड़ताल भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।जांच एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि गिरफ्तार युवकों के अलावा उस अवधि में सर्किट हाउस में कौन-कौन लोग मौजूद थे और उनके बीच क्या संपर्क था।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल, सरकारी परिसर में कैसे पहुंचा हथियार
सरकारी सर्किट हाउस से बंदूक मिलने के बाद वहां की सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई है। ऐसे परिसरों में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और अन्य महत्वपूर्ण लोगों का आना-जाना होता है। ऐसे में हथियार के अंदर तक पहुंचने से प्रवेश और सुरक्षा जांच की व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।पुलिस यह भी देख सकती है कि सर्किट हाउस में प्रवेश के दौरान सामान और वहां ठहरने वाले लोगों की उचित जांच की गई थी या नहीं।
युवा भाजपा नेता की भूमिका पर भी पुलिस की नजर
मामले की जांच में उस युवा भाजपा नेता का नाम भी सामने आया है, जिन्होंने दोनों सुइट बुक कराए थे। हालांकि अभी पुलिस ने उनकी भूमिका को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं दिया है।जांच का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि सर्किट हाउस में ठहरे लोगों और बरामद बंदूक के बीच क्या संबंध था। जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों से पूछताछ की जा सकती है।
दोनों युवकों से पूछताछ जारी, हथियार के मकसद की तलाश
रघुनाथपल्ली पुलिस गिरफ्तार दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है। उनके पुराने रिकॉर्ड, संपर्कों और गतिविधियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हथियार किसके कब्जे में था, इसे कहां से लाया गया और क्या इसे किसी आपराधिक गतिविधि के लिए इस्तेमाल किया जाना था।
जांच पूरी होने के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस ने हथियार जब्त कर दोनों युवकों को हिरासत में लिया है और मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है। सर्किट हाउस में लंबी अवधि तक ठहरने से लेकर हथियार बरामद होने तक सभी बिंदुओं को जांच में शामिल किया जा रहा है।पुलिस का कहना है कि जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

