वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों और पिछले सत्र की तेज बढ़त के बाद हुई मुनाफावसूली के चलते मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ।
सेंसेक्स 69.86 अंक यानी 0.09% गिरकर 76,765.92 अंक पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी-50 10.60 अंक यानी 0.04% की गिरावट के साथ 23,985.35 अंक पर रहा।
सेक्टरों का मिला-जुला प्रदर्शन
मंगलवार को आईटी, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में मजबूती देखने को मिली।
- निफ्टी आईटी: +3.2%
- निफ्टी रियल्टी: +2%
- निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स: +1.08%
- निफ्टी ऑटो: +0.69%
- निफ्टी फार्मा: +0.2%
वहीं कुछ सेक्टरों में गिरावट रही:
- निफ्टी एनर्जी: -1.7%
- निफ्टी एफएमसीजी: -1.4%
- निफ्टी पीएसयू बैंक: -0.9%
- निफ्टी मेटल: -0.6%
- निफ्टी बैंक: -0.58%
टीसीएस बना सबसे बड़ा लाभार्थी
निफ्टी-50 में Tata Consultancy Services (TCS) का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। इसके शेयरों में 4.46% की तेजी दर्ज की गई।
अन्य प्रमुख बढ़ने वाले शेयर:
- इटरनल: +3.94%
- टेक महिंद्रा: +3.49%
- नेस्ले इंडिया: +3.19%
- सिप्ला: +2.67%
- टाइटन: +2.49%
- इंफोसिस: +2.39%
एचयूएल के शेयरों में बड़ी गिरावट
पहली तिमाही के नतीजों के बाद Hindustan Unilever (HUL) के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला और यह 7.11% गिर गया।
अन्य गिरने वाले प्रमुख शेयर:
- भारत इलेक्ट्रॉनिक्स: -4.46%
- कोल इंडिया: -3.98%
- टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स: -2.19%
- एनटीपीसी: -2.19%
बाजार पर वैश्विक घटनाओं का असर
विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले सत्र की तेज तेजी के बाद निवेशकों ने कुछ मुनाफा वसूला। इसके अलावा मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव और अमेरिका-ईरान संबंधों को लेकर अनिश्चितता ने बाजार की धारणा पर असर डाला।
अमेरिका और ईरान के बीच हमले रोकने की खबरों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई और यह लगभग 85 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। बाजार अब आगे के वैश्विक घटनाक्रम और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर नजर रखेगा।

