गुजरात के राजकोट चिड़ियाघर में एशियाई शेरों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। चिड़ियाघर में शेरनी ‘धरती’ ने तीन स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, शेर ‘धनंजय’ और शेरनी ‘धरती’ के यहां 22 जुलाई की रात 107 दिनों के गर्भकाल के बाद तीन शावकों का जन्म हुआ। मां और तीनों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं। उनकी निगरानी के लिए पशु चिकित्सक और कर्मचारी सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे नजर रख रहे हैं।
एक महीने में दूसरी बड़ी सफलता
राजकोट चिड़ियाघर में यह एक महीने से कुछ अधिक समय में दूसरी सफल ब्रीडिंग है। इससे पहले 11 जून को शेरनी ‘धारा’ ने भी तीन शावकों को जन्म दिया था। दोनों ही मामलों में शावक और उनकी माताएं स्वस्थ हैं।
अब चिड़ियाघर में 20 एशियाई शेर
नए शावकों के जन्म के बाद राजकोट चिड़ियाघर में अब कुल 20 एशियाई शेर हैं। इनमें शामिल हैं:
- 4 वयस्क नर शेर
- 8 वयस्क मादा शेर
- 2 युवा नर शेर
- 6 शावक
अधिकारियों के मुताबिक, चिड़ियाघर में शुरू किए गए ब्रीडिंग प्रोग्राम के बाद अब तक यहां 58 एशियाई शेर शावकों का जन्म हो चुका है।
प्राकृतिक माहौल से मिली सफलता
राजकोट चिड़ियाघर को सेंट्रल जू अथॉरिटी ऑफ इंडिया की निगरानी में आधुनिक तरीके से विकसित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यहां का प्राकृतिक जंगल जैसा वातावरण एशियाई शेरों और सफेद बाघों के प्रजनन के लिए अनुकूल साबित हुआ है।
चिड़ियाघर में वन्यजीव आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत देश के कई चिड़ियाघरों से अलग-अलग प्रजातियों को शामिल किया गया है। इसके बदले राजकोट चिड़ियाघर ने भी कई संस्थानों को शेर उपलब्ध कराए हैं।
हर साल लाखों पर्यटक पहुंचते हैं
राजकोट चिड़ियाघर सौराष्ट्र क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, यहां हर साल करीब सात लाख पर्यटक पहुंचते हैं। वर्तमान में चिड़ियाघर में लगभग 70 प्रजातियों के 614 जानवर और पक्षी मौजूद हैं।

