मुंबई: रणबीर कपूर अभिनीत फिल्म रामायण का ट्रेलर सामने आने के बाद दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। फिल्म के भव्य दृश्य, तकनीकी स्तर और कलाकारों की प्रस्तुति की खूब चर्चा हो रही है। लेकिन ट्रेलर के साथ एक और चीज लोगों का खास ध्यान खींच रही है। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में यूजर्स ट्रेलर के साथ 1987 में प्रसारित रामानंद सागर की चर्चित रामायण का लोकप्रिय भजन सीता राम चरित अति पावन जोड़कर वीडियो साझा कर रहे हैं।
कई लोगों का मानना है कि आधुनिक तकनीक और विशाल बजट के बावजूद पुराने धारावाहिक की भक्ति भावना और उसके संगीत का प्रभाव आज भी वैसा ही बना हुआ है।
सोशल मीडिया पर भावनाओं से जुड़ रहे दर्शक
इंटरनेट पर वायरल हो रहे वीडियो में नई फिल्म के दृश्यों के साथ पुराने भजन का संगीत सुनाई दे रहा है। इस अनोखे मेल ने दर्शकों के बीच भावनात्मक माहौल बना दिया है। कई यूजर्स का कहना है कि नई प्रस्तुति आकर्षक जरूर है, लेकिन रामानंद सागर की रामायण का संगीत और आध्यात्मिक वातावरण आज भी दिलों पर राज करता है।
रवीन्द्र जैन ने रचा था यह कालजयी भजन
बहुत कम लोग जानते हैं कि सीता राम चरित अति पावन भजन के रचयिता और गायक प्रसिद्ध संगीतकार रवीन्द्र जैन थे। उन्होंने न केवल इस भजन के बोल लिखे, बल्कि अपनी मधुर आवाज भी दी। दृष्टिहीन होने के बावजूद रवीन्द्र जैन ने भारतीय संगीत जगत में असाधारण पहचान बनाई और फिल्मों तथा टीवी धारावाहिकों के लिए अनेक यादगार रचनाएं दीं।
भारतीय संगीत और कला में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए वर्ष 2015 में उन्हें पद्म श्री सम्मान से भी सम्मानित किया गया था।
क्या है इस भजन का आध्यात्मिक संदेश
भजन की शुरुआती पंक्ति सीता राम चरित अति पावन भगवान श्रीराम और माता सीता के जीवन को अत्यंत पवित्र और प्रेरणादायक बताती है। इसका संदेश यह है कि उनके आदर्श और जीवन प्रसंग मनुष्य को सत्य, मर्यादा और सदाचार का मार्ग दिखाते हैं।
वहीं अगली पंक्ति मधुर सरस और अति मन भावन इस बात का संकेत देती है कि श्रीराम की कथा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि मन को शांति और आनंद देने वाली भी है।
भजन की प्रसिद्ध पंक्ति पुनि पुनि कितनेहू सुने सुनाये, हिय की प्यास भुजत न भुजाये का भाव यह है कि रामकथा को कितनी भी बार सुना जाए, उसकी मधुरता और आध्यात्मिक आनंद कभी कम नहीं होता। हर बार इसे सुनने की नई इच्छा पैदा होती है।
दशकों बाद भी कायम है पुरानी रामायण का असर
नई फिल्म के ट्रेलर के साथ इस भजन का दोबारा लोकप्रिय होना यह दिखाता है कि रामानंद सागर की रामायण आज भी लोगों की भावनाओं से गहराई से जुड़ी हुई है। सोशल मीडिया पर अनेक लोग लिख रहे हैं कि नई फिल्म का ट्रेलर प्रभावशाली है, लेकिन जैसे ही यह भजन सुनाई देता है, बचपन की यादें और धार्मिक भावनाएं फिर ताजा हो जाती हैं।
नई फिल्म को लेकर भी बढ़ा उत्साह
रणबीर कपूर की रामायण अपने बड़े बजट, आधुनिक विजुअल इफेक्ट्स और भव्य निर्माण के कारण पहले से ही चर्चा में है। ट्रेलर रिलीज होने के बाद दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है। हालांकि ऑनलाइन प्रतिक्रियाएं यह भी बता रही हैं कि जहां नई पीढ़ी आधुनिक प्रस्तुति की प्रशंसा कर रही है, वहीं बड़ी संख्या में दर्शक आज भी रामानंद सागर की रामायण और उसके अमर संगीत को भारतीय टेलीविजन की सबसे यादगार विरासत मानते हैं।
यही वजह है कि वर्षों पुराना यह भजन एक बार फिर लोगों की जुबान पर लौट आया है और यह साबित कर रहा है कि सच्ची भक्ति, प्रभावशाली शब्द और मधुर संगीत समय के साथ अपनी चमक कभी नहीं खोते।

