रायपुर। प्रदेश में भारतमाला परियोजना की चमचताती सडक़ों के साथ अब टोल प्लाजा की भी मार पडऩे वाली है। प्रदेश में मौजूदा 25 टोल प्लाजा के बाद अब 26वें टोल प्लाजा की तैयारी शुरू हो चुकी है। सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने दुर्ग एनएच-53 के टेडेसरा से आरंग भारतमाला कॉरिडोर में टोल प्लाजा निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी है।
थनौद, धनोरा, कोलिहापुरी, उमरपोटी, हनौदा, खोपली, पिसेगांव और पुरई के बीच इन आठ गांवों में 3.5 से 24 किलोमीटर के दायरे में कहीं भी एक नया टोल प्लाजा बनाया जा सकता है। एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक 92 किमी. लंबे फोर लेन सडक़ का निर्माण अंतिम चरणों में हैं। मंत्रालय ने दावा-आपत्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इधर दुर्ग-आरंग भारतमाला में भी नए स्थानों का चयन किया जा रहा है।
दो साल में कई नए टोल प्लाजा
रायपुर-विशाखापट्नम भारतमाला प्रोजेक्ट समेत प्रदेश की दो बड़ी सडक़ परियोजनाएं अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। ऐसे में अगले दो वर्षों के भीतर प्रदेश में सात से अधिक नए टोल प्लाजा शुरू होने की संभावना है। खास बात यह है कि रायपुर-विशाखापट्नम कॉरिडोर में औसतन हर 25 किलोमीटर पर टोल प्लाजा प्रस्तावित बताया जा रहा है। यानी हाईवे पर सफर जितना तेज होगा, जेब पर खर्च भी उतना ही भारी पड़ेगा।
60 किमी. का नियम, लेकिन इससे कम दूरी पर टोल प्लाजा
सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मुताबिक 60 किमी. या इससे अधिक की दूरी पर ही टोल प्लाजा का निर्माण किया जाना है, लेकिन छत्तीसगढ़ की स्थिति पर गौर करें को सरायपाली से राजनांदगांव तक औसत 46 किमी. की दूरी पर 5 से 6 टोल प्लाजा खड़े कर दिए गए हैं। छुईपाली, ढांक, मंदिर हसौद, कुम्हारी, दुर्ग बायपास और अब टेडेसरा से आगे टोल प्लाजा प्रस्तावित है।

