चक्रवात ‘अर्नब’ से आंध्र प्रदेश सबसे अधिक प्रभावित हुआ है और राज्य में तीन लोगों की मौत हो गई तथा 31 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
चक्रवात पुडुचेरी के यनम के पास तट को पार कर गया
एनडीआरएफ के महानिरीक्षक (आईजी) नरेन्द्र सिंह बुंदेला ने नई दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन में बताया कि केंद्र सरकार के साथ-साथ आंध्र प्रदेश और ओडिशा की आपदा राहत एवं बचाव टीमें बारिश से उत्पन्न होने वाली स्थिति से निपटने की तैयारी कर रही हैं। दोनों राज्यों और आसपास के इलाकों में बारिश जारी रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि चक्रवात पुडुचेरी के यनम के पास तट को पार कर गया है और कमजोर होकर अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान से भीषण चक्रवाती तूफान में बदल गया है। इसके धीरे-धीरे और कमजोर होकर पहले चक्रवाती तूफान और फिर शाम तक गहरे दबाव के क्षेत्र में बदलने का अनुमान है।
चक्रवात से आंध्र प्रदेश का उत्तरी हिस्सा और ओडिशा का दक्षिणी हिस्सा सबसे अधिक प्रभावित हुआ
बुंदेला ने कहा, ‘‘चक्रवात ‘अर्नब’ से आंध्र प्रदेश का उत्तरी हिस्सा और ओडिशा का दक्षिणी हिस्सा सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। दोनों राज्यों के कुछ जिलों में तेज हवाएं चल रही हैं और बारिश हो रही है।’’उन्होंने कहा, ‘‘आंध्र प्रदेश सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। हमें जानकारी मिली है कि वहां पेड़ उखड़ गए हैं, विभिन्न प्रकार के 31 मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं और तीन लोगों की मौत हो गई है।’’
आंध्र प्रदेश में करीब 57,000 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया
बुंदेला ने कहा, ‘‘प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, ओडिशा में चक्रवात का कोई गंभीर असर नहीं पड़ा है।’’ महानिरीक्षक ने बताया कि आंध्र प्रदेश और ओडिशा के अलावा पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना तथा पुडुचेरी और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में एनडीआरएफ की कुल 39 टीम तैनात की गई हैं।
उन्होंने बताया कि मंगलवार रात एनडीआरएफ की चार अतिरिक्त टीम आंध्र प्रदेश भेजी गईं। बुंदेला ने कहा कि आंध्र प्रदेश में करीब 57,000 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया, जबकि मंगलवार रात यनम से 38 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

