साल 2024 की फिल्मों के लिए 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शनिवार को विजेताओं की सूची जारी की, जिसमें भारतीय सिनेमा के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों, निर्देशकों और तकनीकी विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया। इस बार हिंदी, तमिल, मलयालम समेत कई भाषाओं की फिल्मों ने अलग-अलग श्रेणियों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।
‘श्रीकांत’ बनी सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म
इस वर्ष फीचर फिल्म श्रेणी में सबसे बड़ा सम्मान फिल्म ‘श्रीकांत’ को मिला। तुषार हीरानंदानी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में राजकुमार राव ने मुख्य भूमिका निभाई है। प्रेरणादायक कहानी और दमदार अभिनय के चलते फिल्म को जूरी ने सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार दिया।
यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान
फिल्म ‘आर्टिकल 370’ में शानदार अभिनय के लिए यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। वहीं इसी फिल्म को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फीचर फिल्म का सम्मान भी प्रदान किया गया।
कार्तिक आर्यन और ममूटी बने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार इस बार संयुक्त रूप से दो कलाकारों को मिला। कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ में बेहतरीन अभिनय के लिए सम्मानित किया गया, जबकि मलयालम फिल्म ‘ब्रमायुगम’ के लिए ममूटी को भी इसी श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।
संगीत के क्षेत्र में इन कलाकारों को मिला सम्मान
सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन के लिए तमिल फिल्म ‘अमरण’ के संगीतकार जी.वी. प्रकाश कुमार को सम्मानित किया गया। वहीं हिंदी फिल्म ‘आर्टिकल 370’ के लिए शाश्वत सचदेव को भी संगीत निर्देशन के क्षेत्र में राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।
डॉक्यूमेंट्री और गैर-फीचर फिल्मों ने भी बटोरी सराहना
गैर-फीचर फिल्म श्रेणी में हिंदी डॉक्यूमेंट्री ‘राम-नामी’ को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का पुरस्कार मिला। कला एवं संस्कृति पर आधारित फिल्म ‘मैं निदा’ को सर्वश्रेष्ठ आर्ट्स एवं कल्चर फिल्म चुना गया।
पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित ‘पिपलांतरी: ए टेल ऑफ इको फेमिनिज्म’ को सामाजिक एवं पर्यावरणीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली सर्वश्रेष्ठ फिल्म का सम्मान दिया गया।
दो फिल्मों को मिला स्पेशल मेंशन
इस वर्ष स्पेशल मेंशन श्रेणी में दो फिल्मों को स्थान मिला। हिंदी फिल्म ‘चोला डोरा और सुई’, जिसका निर्देशन जयमिन मोदी और लोकेश घई ने किया है, तथा मलयालम फिल्म ‘भद्र काली नटकम’, जिसका निर्देशन आनंद ज्योति ने किया है, को विशेष उल्लेख के लिए चुना गया।
भारतीय सिनेमा की विविधता को मिला सम्मान
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों ने एक बार फिर यह साबित किया कि भारतीय सिनेमा केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रेरणादायक कहानियों, सामाजिक सरोकारों, तकनीकी उत्कृष्टता और विविध भाषाओं की समृद्ध रचनात्मकता को भी समान महत्व देता है। इस वर्ष के विजेताओं ने अपने उत्कृष्ट कार्य से भारतीय फिल्म उद्योग की गुणवत्ता और वैश्विक पहचान को और मजबूत किया।

