चमोली। बद्रीनाथ मंदिर में कथित दान चोरी मामले की जांच में उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई की है। अधिकारियों के अनुसार, बद्रीनाथ मंदिर के पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान के ठिकानों पर हुई छापेमारी में महंगा केसर, अन्य सामान और विदेशी करेंसी बरामद हुई है।यह कार्रवाई चौहान की गिरफ्तारी के बाद मिली जानकारी के आधार पर की गई। पुलिस ने उन्हें मंदिर में कथित दान चोरी के मामले में मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया है।
पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी
जानकारी के मुताबिक, SIT ने राजेंद्र चौहान से करीब चार घंटे तक पूछताछ की, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।जांच एजेंसी को मिले CCTV फुटेज में कथित तौर पर चौहान को 22 जून, 25 जून और 29 जून को नकदी के बंडल इकट्ठा कर अपनी जेब में रखते हुए देखा गया है। इसी आधार पर उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
छापेमारी में मिला केसर और विदेशी मुद्रा
SIT जांच अधिकारी महादेव उनियाल ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि छापेमारी के दौरान केसर और कुछ अन्य सामान बरामद किए गए हैं। इसके अलावा विदेशी करेंसी भी मिली है।उन्होंने कहा कि नकदी से जुड़े सवालों पर आरोपी अभी जांच में पूरा सहयोग नहीं कर रहा है। पुलिस आगे की पूछताछ और जांच प्रक्रिया जारी रखे हुए है।राजेंद्र चौहान को शनिवार 18 जुलाई को अदालत में पेश किया जाएगा।
BKTC की रिपोर्ट के बाद तेज हुई जांच
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) की ओर से तैयार की गई 18 पेज की आंतरिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद SIT ने अपनी कार्रवाई तेज की है।पुलिस के अनुसार, इस रिपोर्ट में मंदिर के दान प्रबंधन और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई हैं।इसके अलावा नए CCTV फुटेज मिलने के बाद जांच एजेंसी को मामले में अन्य संभावित संदिग्धों की पहचान करने में भी मदद मिली है।
CCTV फुटेज और दान प्रक्रिया की हो रही जांच
SIT ने 29 जून और 2 जुलाई के CCTV फुटेज भी जांच के लिए सुरक्षित किए हैं। इससे पहले 22 जून और 25 जून के फुटेज का विश्लेषण किया जा चुका है।जांच टीम ने मंदिर परिसर में जाकर दान राशि के संग्रह, गिनती और उसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की है।इसके अलावा मंदिर के CCTV कंट्रोल रूम की भी जांच की गई है। अधिकारियों ने ऑपरेशनल लॉग की पड़ताल कर यह समझने की कोशिश की कि दान प्रबंधन की प्रक्रिया में कहां और कैसे लापरवाही हुई।
मंदिर अधिकारियों से भी पूछताछ
दान चोरी मामले की जांच के दौरान SIT ने बद्रीनाथ मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सोहन सिंह रांगड़ और उनके निजी सहायक अतुल डिमरी से भी पूछताछ की है।जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि मंदिर की निगरानी व्यवस्था में कोई कमी रही या नहीं और यदि कोई अनियमितता हुई तो उसमें किन लोगों की भूमिका रही।फिलहाल SIT मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई बरामद साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर की जाएगी।

