Rajnath Singh: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि आतंकवाद और वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ केंद्र सरकार ने कठोर और निर्णायक रणनीति अपनाई है। उन्होंने कहा कि देश की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा को सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखा गया है।नई दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि सुरक्षा के मोर्चे पर सरकार केवल खतरे का सामना करने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर आतंकवाद के ठिकानों तक पहुंचकर कार्रवाई की जा रही है।
सैनिकों की क्षमता पर सवाल उठाने वालों पर निशाना
राजनाथ सिंह ने राजनीतिक लाभ के लिए सशस्त्र बलों की बहादुरी और क्षमता पर सवाल उठाने वालों पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि सैनिक देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं और उनकी वीरता पर राजनीतिक कारणों से सवाल खड़े करना उचित नहीं है।रक्षा मंत्री के मुताबिक, सुशासन का एक महत्वपूर्ण पैमाना यह भी है कि सरकार देश की एकता, संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि आंतरिक और बाहरी दोनों तरह के खतरों से निपटना सरकार की जिम्मेदारी है।
नक्सलवाद को लेकर राजनाथ सिंह का बड़ा दावा
वामपंथी उग्रवाद के मुद्दे पर रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने इस खतरे को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। उन्होंने नक्सलवाद के पीछे गरीबी को मुख्य कारण बताए जाने वाली धारणा पर भी सवाल उठाया।सिंह ने दावा किया कि नक्सली हिंसा ने कई इलाकों के विकास को प्रभावित किया और गरीबी की समस्या को बढ़ाने में भी भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि सुरक्षा अभियान और विकास के प्रयासों के जरिए प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव लाने की कोशिश की जा रही है।
मोदी सरकार की सुरक्षा नीति पर जोर
राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को शासन के केंद्र में रखा गया है। उनका कहना था कि देश की संप्रभुता की रक्षा और नागरिकों को सुरक्षित माहौल देना किसी भी सरकार की मूल जिम्मेदारी है।उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को लेकर वैश्विक स्तर पर लोकप्रियता से संबंधित कई सर्वेक्षण सामने आए हैं और उनकी सरकार लगातार जनसमर्थन हासिल कर रही है।
विपक्ष पर समाज को बांटने का आरोप
रक्षा मंत्री ने सरकार के खिलाफ राजनीतिक नैरेटिव तैयार करने की कोशिशों को लेकर भी विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक समूह छात्रों को प्रभावित करने और जातिगत आधार पर समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।सिंह ने राजनीतिक विरोधियों को देश के विकास पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि भारत के विकास के लिए सकारात्मक प्रयास देश और राजनीति दोनों के लिए बेहतर साबित होंगे।
आंतरिक सुरक्षा को लेकर सरकार का संदेश
राजनाथ सिंह के बयान से यह संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार आतंकवाद और वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ अपनी कठोर सुरक्षा नीति को जारी रखने के पक्ष में है। साथ ही सरकार सुरक्षा व्यवस्था को विकास और सुशासन के व्यापक एजेंडे से जोड़कर आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है।

