मुंबई। गेमिंग रियलिटी शो ‘प्लेग्राउंड’ के पांचवें सीजन का हिस्सा बनी अभिनेत्री तेजस्वी प्रकाश का मानना है कि आर्ट और एंटरटेनमेंट की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उपयोगी जरूर हो सकता है, लेकिन वह कभी भी इंसानी भावनाओं और रचनात्मकता की बराबरी नहीं कर सकता। शो के प्रमोशन के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी, एआई और बदलते मनोरंजन जगत पर खुलकर अपनी राय रखी।
AI सिर्फ एक टूल, इंसानी सोच का विकल्प नहीं
मुंबई में आयोजित मीडिया इंटरैक्शन के दौरान तेजस्वी प्रकाश ने कहा कि आज कंटेंट की दुनिया में एल्गोरिदम और मार्केटिंग की बड़ी भूमिका है, लेकिन इससे कला की आत्मा खत्म नहीं होती। उनके मुताबिक, किसी भी तकनीक से असली कलाकार की जगह नहीं ली जा सकती।
उन्होंने कहा कि ‘प्लेग्राउंड’ में एआई से जुड़ा कॉन्सेप्ट जरूर शामिल किया गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि एआई इंसानों की भूमिका निभाने लगे। उनका मानना है कि तकनीक सहायक हो सकती है, लेकिन निर्णय, संवेदनाएं और रचनात्मकता हमेशा इंसानों से ही आएंगी।
विजुअल एंटरटेनमेंट में AI की उपयोगिता स्वीकार
तेजस्वी ने यह भी माना कि विजुअल एंटरटेनमेंट के क्षेत्र में एआई कई कामों को बेहतर और आसान बना सकता है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि समाज और मानवीय रिश्तों की जगह एआई कभी नहीं ले पाएगा। उनके अनुसार, तकनीक का सही इस्तेमाल रचनात्मकता को मजबूत कर सकता है, लेकिन उसे प्रतिस्थापित नहीं कर सकता।
एकता कपूर की दूरदर्शिता की जमकर तारीफ
बातचीत के दौरान तेजस्वी ने निर्माता एकता कपूर की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि एकता समय के साथ खुद को बदलना अच्छी तरह जानती हैं। यही वजह है कि उन्होंने पारंपरिक टीवी धारावाहिकों के साथ-साथ रियलिटी शो की दुनिया में भी सफल कदम रखा।
तेजस्वी के अनुसार, एकता कपूर सिर्फ सफल निर्माता ही नहीं, बल्कि बेहतरीन बिजनेसवुमन भी हैं, जिन्हें दर्शकों की बदलती पसंद और नए ट्रेंड की अच्छी समझ है।
रियलिटी और गेमिंग का नया संगम है ‘प्लेग्राउंड 5’
‘प्लेग्राउंड’ का पांचवां सीजन गेमिंग, मनोरंजन और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कल्चर का अनोखा मिश्रण है। शो में युवा गेमर्स, डिजिटल क्रिएटर्स और कंटेंट मेकर्स अलग-अलग चुनौतियों का सामना करते हैं। प्रतियोगिता के साथ दोस्ती, टीमवर्क और आपसी प्रतिस्पर्धा भी शो का अहम हिस्सा है।

