खंडवा में किसानों का विरोध प्रदर्शन उस समय चर्चा में आ गया, जब अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे किसानों ने प्रशासन के सामने अनोखे तरीके से नाराजगी जाहिर की। किसान कलेक्टर से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन जब मुलाकात नहीं हो सकी तो उन्होंने किसी दूसरे अधिकारी को ज्ञापन देने से इनकार कर दिया।
मामला आगे बढ़ा तो सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर किसानों के बीच पहुंचे और उनसे ज्ञापन लेने का प्रयास किया। हालांकि किसान अपनी मांग पर कायम रहे। इसके बाद उन्होंने विरोध दर्ज कराने के लिए अपना ज्ञापन एक कुत्ते को सौंप दिया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आ गया।
कलेक्टर से मुलाकात पर अड़े रहे किसान
राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। किसानों का कहना था कि वे अपनी समस्याओं और मांगों से जुड़ा ज्ञापन सीधे कलेक्टर को ही सौंपेंगे।
काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद जब कलेक्टर किसानों से मिलने नहीं पहुंचे तो प्रदर्शनकारियों में नाराजगी बढ़ने लगी। किसानों ने स्पष्ट कर दिया कि वे किसी अन्य अधिकारी को ज्ञापन नहीं देंगे।
सिटी मजिस्ट्रेट ने समझाने की कोशिश की
स्थिति को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत की और ज्ञापन लेने की कोशिश की, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े रहे।
इसके बाद किसानों ने प्रशासन के प्रति अपना विरोध दर्ज कराने के लिए ज्ञापन एक कुत्ते को सौंप दिया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन पर उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया।
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी
राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार कक्का जी ने कहा कि किसानों को अपनी समस्याएं लेकर बार-बार कलेक्टर कार्यालय आना पड़ रहा है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन के पास किसानों की समस्याएं सुनने का समय नहीं है तो आने वाले समय में अधिकारियों के खिलाफ भी विरोध तेज किया जाएगा।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ विरोध का वीडियो
किसानों के इस अनोखे प्रदर्शन का वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। ज्ञापन कुत्ते को सौंपने की घटना ने लोगों का ध्यान खींचा है। किसानों ने अपने प्रदर्शन के जरिए प्रशासन तक अपनी नाराजगी पहुंचाने की कोशिश की और मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।

