प्रशांत महासागर के द्वीपीय देश फिजी में HIV संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। हालात को देखते हुए फिजी सरकार ने राष्ट्रीय HIV आपातकाल घोषित किया है। UNAIDS के अनुमान के मुताबिक 2025 में करीब 9,100 लोग HIV के साथ रह रहे थे और देश में अब लगभग हर 60 वयस्कों में एक व्यक्ति HIV से संक्रमित है। पांच साल पहले यह अनुपात करीब 167 वयस्कों में एक था।
एक साल में 2 हजार से ज्यादा नए मामले
फिजी में 2025 के दौरान 2,016 नए HIV मामलों की पुष्टि हुई। यह आंकड़ा 2019 की तुलना में करीब 16 गुना अधिक है। UNAIDS ने फिजी में नए संक्रमणों की वृद्धि को दुनिया में सबसे तेज बढ़ने वाले HIV संकटों में शामिल किया है।
फिजी के स्वास्थ्य मंत्री एटोनियो लालाबालावु ने कहा कि अब केवल प्रकोप स्तर की प्रतिक्रिया पर्याप्त नहीं है। सरकार ने पूरे प्रशासन, समुदायों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को साथ लेकर संक्रमण रोकने की रणनीति पर काम शुरू किया है।
टेस्टिंग और इलाज की सुविधाएं बढ़ाने पर जोर
सरकार ने मुफ्त और गोपनीय HIV जांच को बढ़ाने के साथ उपचार और बचाव की सुविधाओं का विस्तार करने का फैसला किया है। HIV से बचाव के लिए PrEP यानी प्री-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस तक पहुंच बढ़ाने और नशीली दवाओं का इंजेक्शन लेने वाले लोगों के लिए सुई एवं सिरिंज कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी भी की जा रही है।
स्थिति की एक बड़ी चुनौती यह भी है कि 2025 में HIV के साथ रह रहे लोगों में केवल 39 प्रतिशत को अपने संक्रमण की जानकारी थी और करीब 22 प्रतिशत लोग ही एंटीरेट्रोवायरल उपचार ले रहे थे।
यौन संपर्क के साथ ड्रग्स का इस्तेमाल भी बड़ी वजह
फिजी में संक्रमण फैलने के पीछे एक से ज्यादा कारण सामने आ रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक आधे से अधिक संक्रमण यौन संपर्क से जुड़े हैं, जबकि करीब 42 प्रतिशत मामलों में इंजेक्शन के जरिए नशीली दवाओं के इस्तेमाल को कारण बताया गया है। बढ़ते ड्रग इस्तेमाल और असुरक्षित तरीके से इंजेक्शन लगाने को लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों ने विशेष चिंता जताई है।
बच्चों और गर्भवती महिलाओं को लेकर भी चिंता
HIV का असर गर्भवती महिलाओं और बच्चों तक पहुंचना भी चिंता का विषय बन गया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक फिजी में गर्भवती महिलाओं में HIV का अनुमानित अनुपात 50 में एक तक पहुंच गया है। 2025 में HIV के साथ 59 बच्चों का जन्म हुआ और इनमें से 18 बच्चों की एक साल की उम्र पूरी होने से पहले मौत हो गई।
सरकार अब गर्भावस्था के दौरान जांच, संक्रमण की जल्द पहचान और समय पर उपचार की व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दे रही है।
भारत में क्या है स्थिति?
भारत में HIV की स्थिति फिजी से अलग है और देश में वयस्क HIV संक्रमण का स्तर अपेक्षाकृत कम है। NACO के 2025 के आंकड़ों के अनुसार 2024 में भारत में अनुमानित नए HIV संक्रमण करीब 64,500 थे और 2010 की तुलना में इनमें लगभग 48.7 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं 2024 में AIDS से संबंधित मौतों में 2010 के मुकाबले करीब 81.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
भारत में HIV के साथ रहने वाले लोगों की संख्या करीब 25 लाख से अधिक आंकी गई है। हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर संक्रमण में गिरावट आई है, कुछ राज्यों और विशेष जोखिम वाले समूहों में अब भी संक्रमण की चुनौती बनी हुई है।

