गुना। मध्य प्रदेश के पूर्व IPS अधिकारी रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ जाति प्रमाणपत्र से जुड़े मामले में FIR दर्ज की गई है। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश के बाद यह कार्रवाई की गई है। शिकायत में उन पर गलत तरीके से अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र हासिल करने और उसका इस्तेमाल सरकारी सेवाओं में लाभ लेने के लिए करने के आरोप लगाए गए हैं।मामले में धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश समेत अन्य धाराओं में शिकायत दर्ज होने के बाद पूर्व अधिकारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
OBC प्रमाणपत्र से शिक्षक की नौकरी, फिर ST प्रमाणपत्र से DSP बनने का आरोप
रघुवीर सिंह मीना पर आरोप है कि उन्होंने पहले OBC वर्ग के प्रमाणपत्र के आधार पर सरकारी शिक्षक की नौकरी हासिल की। इसके बाद उन्होंने अनुसूचित जनजाति वर्ग का प्रमाणपत्र बनवाया और इसी के आधार पर मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा देकर DSP पद हासिल किया।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बाद में इसी प्रमाणपत्र के आधार पर उन्होंने सरकारी सेवा में आगे लाभ लिया और भारतीय पुलिस सेवा तक पहुंचे।
DSP से IPS और फिर कई जिलों में संभाली पुलिस की कमान
रघुवीर सिंह मीना मूल रूप से गुना जिले के चाचौड़ा क्षेत्र के अजगरी गांव के रहने वाले बताए जाते हैं। वर्ष 1984 में उन्होंने विदिशा जिले का मूल निवास प्रमाणपत्र बनवाया था। इसके बाद उनके द्वारा ST वर्ग का प्रमाणपत्र हासिल किए जाने का दावा किया गया।MPPSC के जरिए DSP बनने के बाद वर्ष 2001 में उन्हें IPS कैडर मिला। सेवा के दौरान उन्होंने बड़वानी और आगर मालवा में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा रीवा और गुना में कमांडेंट के पद पर भी रहे।पुलिस सेवा के दौरान उन्हें वर्ष 2005 में वीरता और वर्ष 2009 में उत्कृष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था। वर्ष 2021 में वे सेवानिवृत्त हुए।
जिला पंचायत चुनाव में भी जाति प्रमाणपत्र को लेकर विवाद
जाति प्रमाणपत्र को लेकर विवाद केवल सरकारी सेवा तक सीमित नहीं रहा। आरोप है कि रघुवीर सिंह मीना ने वर्ष 2022 में OBC आरक्षित सीट से गुना जिला पंचायत के वार्ड 16 से चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर जिला पंचायत सदस्य बने।इस मामले को लेकर भी उनके खिलाफ सवाल उठाए गए हैं।
2016 में हुई शिकायत के बाद जांच समिति तक पहुंचा मामला
राघौगढ़ निवासी हरवीर सिंह रघुवंशी ने वर्ष 2016 में रघुवीर सिंह मीना के जाति प्रमाणपत्र को लेकर शिकायत की थी। इसके बाद मामला जाति प्रमाणपत्र उच्च स्तरीय छानबीन समिति तक पहुंचा।समिति ने उपलब्ध पुराने रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की। जांच के बाद संबंधित जाति प्रमाणपत्र को अमान्य घोषित कर दिया गया। अब पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर FIR दर्ज होने के बाद मामले में आपराधिक जांच आगे बढ़ेगी।
पत्नी ममता मीना भी रह चुकी हैं बीजेपी विधायक
रघुवीर सिंह मीना की पत्नी ममता मीना मध्य प्रदेश की राजनीति में भी सक्रिय रही हैं। वह वर्ष 2013 से 2018 तक बीजेपी की विधायक रहीं। इससे पहले वर्ष 2000 से 2005 तक वह गुना जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर रहीं।वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें फिर उम्मीदवार बनाया था, हालांकि इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

