श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के गुरेज घाटी में 24 से 27 सितंबर तक प्रस्तावित ध्यान कार्यक्रम Tantra in Silence को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम का प्रचार सोशल मीडिया पर होने के बाद पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और कश्मीर के प्रमुख धार्मिक नेता मीरवाइज उमर फारूक ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। हालांकि, जम्मू-कश्मीर सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए न तो कोई अनुमति मांगी गई है और न ही प्रशासन की ओर से कोई मंजूरी या प्राधिकरण जारी किया गया है।
सोशल मीडिया पोस्टर से शुरू हुआ विवाद
सोशल मीडिया पर जारी पोस्टर के मुताबिक Tantra in Silence – A Journey Within नाम का यह चार दिवसीय ध्यान कार्यक्रम गुरेज में प्रस्तावित है। पोस्टर में कार्यक्रम के संचालक के तौर पर स्वामी ध्यान सुमित का नाम दिया गया है। इसमें ध्यान, साउंड हीलिंग, जागरूकता और आंतरिक बदलाव जैसी गतिविधियों का उल्लेख है।
प्रचार सामग्री में कार्यक्रम की फीस 11,995 रुपये प्रति व्यक्ति बताई गई है, जिसमें ठहरने और भोजन की सुविधा शामिल होने का दावा किया गया है। प्रतिभागियों के लिए सफेद और मैरून रंग के वस्त्र पहनने की शर्त भी पोस्टर में दी गई है।
महबूबा मुफ्ती ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की
PDP अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया पर कार्यक्रम के पोस्टर की तस्वीर साझा करते हुए इस आयोजन पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी आयोजक से जुड़ा एक Tantra रिट्रीट पिछले साल गोवा में प्रचार सामग्री को लेकर विवाद के बाद पुलिस हस्तक्षेप के चलते रद्द हुआ था।
महबूबा ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पुलिस से मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने कहा कि गुरेज को आध्यात्मिकता या पर्यटन के नाम पर ऐसे प्रयोगों के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
मीरवाइज उमर फारूक ने भी जताई चिंता
महबूबा मुफ्ती के बयान के बाद मीरवाइज उमर फारूक ने भी प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर चिंता जताई। उन्होंने प्रशासन से कार्यक्रम की प्रकृति, आयोजकों और प्रचार सामग्री की जांच करने तथा यह सुनिश्चित करने की मांग की कि गुरेज की धार्मिक और सामाजिक संवेदनशीलता प्रभावित न हो।
मीरवाइज ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के नाम पर क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक मान्यताओं की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
सरकार ने साफ किया- कार्यक्रम को नहीं मिली कोई मंजूरी
विवाद बढ़ने के बीच जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग और बांदीपोरा जिला प्रशासन ने कार्यक्रम से खुद को अलग कर लिया है। सहायक निदेशक पर्यटन, गुलमर्ग ने आधिकारिक स्पष्टीकरण में कहा कि उनके कार्यालय को इस प्रस्तावित कार्यक्रम के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। न तो अनुमति के लिए कोई आवेदन प्राप्त हुआ और न ही उसे संसाधित किया गया।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यक्रम को उसकी ओर से मंजूरी या अधिकृत नहीं किया गया है और आयोजन से उसका कोई संबंध नहीं है।
बांदीपोरा जिला प्रशासन ने भी कहा कि गुरेज में प्रस्तावित Tantra Silence रिट्रीट के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से सोशल मीडिया पर प्रसारित अनधिकृत प्रचार दावों पर भरोसा नहीं करने की अपील की है।
गोवा में हुए विवाद का भी दिया गया हवाला
महबूबा मुफ्ती और मीरवाइज दोनों ने पिछले साल गोवा में इसी तरह के एक Tantra कार्यक्रम को लेकर हुए विवाद का उल्लेख किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, नवंबर 2025 में वहां एक Tantra रिट्रीट को प्रचार सामग्री को लेकर विरोध के बाद पुलिस हस्तक्षेप का सामना करना पड़ा था और कार्यक्रम रद्द कर दिया गया था।
हालांकि, गुरेज में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जम्मू-कश्मीर प्रशासन की मौजूदा स्थिति स्पष्ट है कि उसे आयोजन के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे में फिलहाल विवाद का केंद्र कार्यक्रम की प्रचार सामग्री और उसके प्रस्तावित आयोजन को लेकर उठी आपत्तियां हैं।

