तुर्की ने रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। देश के विकसित मानवरहित फाइटर जेट Kizilelma ने अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए हवा में लक्ष्य विमान पर मिसाइल दागने की टेस्ट उड़ान सफलतापूर्वक पूरी की। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह तकनीक केवल तुर्की की सुरक्षा को सशक्त नहीं बनाएगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर युद्ध रणनीति और ड्रोन युद्ध के भविष्य को भी प्रभावित करेगी।
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इस प्रगतिशील तकनीक के साथ ही भारत और अन्य देशों के लिए यह एक सतर्कता का संकेत है, क्योंकि ऐसे मानवरहित विमानों की क्षमता पारंपरिक हवाई सुरक्षा प्रणालियों के लिए चुनौती पेश कर सकती है।