जबलपुर। जबलपुर में आंधी तूफान आया और बरगी डैम में संचालित क्रूज में मौज मना रहे टूरिस्ट्स के परिवारों को हमेशा का गम दे गया। गंभीर लापरवाहियों और अनदेखी के इस दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों को बिखेर दिया। जो जिंदा बचे वो रो-रो कर बेहाल हैं और खुद को दोष भी दे रहे हैं कि काश वो क्रूज में न घूम रहे होते।
किसी की पत्नी, किसी का पति, किसी के बच्चे और किसी के परिवार के कई सदस्य अकाल मौत का शिकार हो गए। सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देखकर सुनकर हर किसी की आंखें छलक रही हैं, सिस्टम पर सवाल खड़े कर रही हैं।
जबलपुर के सोनी परिवार के घर में पसरा मातम
दरअसल जबलपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में रहने वाले सोनी परिवार की एक बेटी नीतू सोनी अपने चार साल के बेटे विराज सोनी के साथ 30 अप्रैल को अपने मामा-मामी और मौसी राखी सोनी के साथ बरगी डैम गई थीं। यहां 30 अप्रैल को क्रूज हादसे में नीतू सोनी की मौत हो गई थी। वहीं विराज सोनी लापता था। उसका शव शनिवार 2 मई को बरामद हुआ।
बेटे की याद में फफक-फफक कर रो रहा पिता
बेटे विराज को यादकर पिता कृष्णा सोनी का रो-रो कर बुरा हाल है। बेटे को खोने का गम उन्हें बार-बार फफक-फफक कर रुला रहा है। रोते हुए वे बार-बार कह रहे हैं कि मेरा बेटा कहता था कि पप्पा घोड़ा बनो, पप्पा घोड़ा बनो, मैं घोड़े पर बैठूंगा। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने परिवार को ही नहीं बल्कि प्रदेश और देशवासियों की आंखें नम कर रहा है।
विराज की याद कर रो पड़ी मौसी
नीतू की बहन राखी सोनी का कहना है कि विराज का जन्म यहीं मायके में ही हुआ था। यहीं वह पला-बढ़ा। परिवार के हर सदस्य का चहेता था विराज। विराज से ही उनके घर-परिवार में रौनक बनी हुई थी। 30 अप्रैल को भी जब वह उनके साथ क्रूज पर था तो बहुत मस्ती कर रहा था। इधर से उधर दौड़ रहा था। वह फफकती है और कहती है कि वह कई बार मेरे पास आया और उसने कहा मौसी मेरी फोटो लीजिए।
काश अंदाजा होता ये खुशियां ज्यादा देर की नहीं हैं
भावुक हुई राखी ने सुबकते हुए कहा, काश उन्हें अंदाजा होता कि ये खुशियां ज्यादा देर की नहीं हैं। वे कहती हैं कि देखते ही देखते क्रूज हिलने लगा और चीख-पुकार मच गई। इसके बावजूद हम विराज को पकड़े रहे। नीतू ने बताया कि उनके पास दो बच्चे और थे। उन्होंने एक-एक कर निकलने की कोशिश की, लेकिन तब तब वह डूबने लगा और हम सब बिछड़ गए।
क्रूज संचालकों पर लगाया आरोप
राखी कहती हैं कि क्रूज को बहुत देर तक रोक कर रखा गया। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग उस पर आ जाएं। अगर क्रूज समय से चल देता तो शायद आज नीतू और विराज भी साथ होते। ये हादसा होता ही नहीं। लाइव जैकेट के लिए झगड़ना पड़ा, तब मिलीं हादसे के दौरान परिवार के साथ विकास सोनी भी मौजूद थे।
विकास ने बताया की झगड़ा करने के बाद लाइव जैकेट निकलना शुरु किया गया। एक-एक करके कइ लोगों को लाइव जैकेट्स पहनवाए, लेकिन अपनी बहन और उसके बच्चे को नहीं बचा सके। बता दें कि हादसे में विराज की मां नीतू सोनी की भी मौत हो गई थी। उनका शव हादसे के दिन ही रेस्क्यू के दौरान मिला था। जबकि हादसे के दो दिन बाद 4 साल के मासूम विराज सोनी का शव मिला।

