नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल और गैस की खपत कम करने की अपील क्या की, उसका असर अब सत्ता के शीर्ष स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। बुधवार को सामने आए एक वीडियो ने सभी का ध्यान खींचा, जिसमें पीएम मोदी का काफिला बेहद छोटा नजर आया। आमतौर पर लंबी गाड़ियों के काफिले के बीच दिखने वाले प्रधानमंत्री इस बार महज दो वाहनों के साथ दिखाई दिए।
सुरक्षा बरकरार, लेकिन कम हुई गाड़ियां
प्रधानमंत्री के काफिले में वाहनों की संख्या कम करने का फैसला सुरक्षा एजेंसियों और एसपीजी प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सुरक्षा के जरूरी इंतजाम पहले की तरह कायम हैं, लेकिन अनावश्यक वाहनों को हटाकर काफिले को छोटा किया गया है। प्रधानमंत्री के काफिले के वाहन कम होने से यह संदेश दिया गया है कि ऊर्जा बचत की अपील केवल जनता तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्ता और प्रशासन भी उस पर अमल कर रहे हैं।
- अमित शाह और राजनाथ सिंह ने भी अपनाया वही रास्ता
प्रधानमंत्री की अपील का असर केंद्रीय मंत्रियों के काफिलों पर भी साफ दिखाई दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अपने काफिलों में वाहनों की संख्या कम कर दी है। जानकारी के अनुसार, दोनों नेताओं के काफिले अब महज चार-चार गाड़ियों तक सीमित हो गए हैं। पहले जहां लंबा सुरक्षा घेरा दिखाई देता था, वहीं अब अपेक्षाकृत छोटे काफिले नजर आ रहे हैं। इसे ऊर्जा संरक्षण और सरकारी संसाधनों के संयमित उपयोग की दिशा में बड़ा कदम माना जारहा है।

