रायपुर। दोबारा होने जा रही नीट यूजी के परीक्षा केंद्रों में 5जी जैमर लगाए गए हैं। ताकि मोबाइल फोन व अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से नकल की गुंजाइश न रहे। इधर, वायुसेना के विमान से परचा पहुंच चुका है। सीआरपीएफ व सीआईएसएफ जवानों की निगरानी में पेपर बैंकों के लॉकर में रखवाए गए हैं। कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जहां परीक्षा की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी। सभी जिलों में कलेक्टर-एसपी के नेतृत्व में उच्च स्तरीय कमेटी बनाई गई है।
इस बार परचा हल करने के लिए एनटीए ने 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया है। यही नहीं रफ कार्य के लिए दो पेज बढ़ाए गए हैं। प्रदेश में 42 हजार से ज्यादा छात्र नीट यूजी देंगे। 3 मई को हुई नीट में नकल का मामला सामने आने के बाद एनटीए ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी। पिछले साल झारखंड, बिहार व अन्य राज्यों में पेपर लीक के कारण बड़ा विवाद हुआ था। मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था, जहां परीक्षा दोबारा न कराने का फैसला दिया गया।
वहीं, कई स्थानों पर गलत पेपर बांटे गए थे। प्रदेश के बालोद व दंतेवाड़ा में दूसरा पेपर देने से छात्रों को आधे घंटे बाद सही पेपर मिला था। बालोद में रिजर्व रखे पेपर का वितरण किया गया था। वहीं दंतेवाड़ा में हिंदी माध्यम के छात्र को इंग्लिश मीडियम का पेपर दे दिया गया था। इस कारण दोनों ही सेंटरों में दोबारा परीक्षा कराई गई थी।
अब प्राइवेट स्कूलों और कॉलेजों में परीक्षा नहीं
एनटीए ने नीट के लिए पिछले साल ही बड़ा बदलाव किया था। पहले सीबीएसई के निजी स्कूलों को सेंटर बनाया जाता था, लेकिन परचा लीक कांड के बाद केवल शासकीय स्कूल-कॉलेजों, यूटीडी, आईआईटी, एनआईटी व बड़े कॉलेजों को सेंटर बनाया जा रहा है।
कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटें इस तरह
कॉलेज सीटें
रायपुर 230
दुर्ग 200
बिलासपुर 150
रायगढ़ 100
अंबिकापुर 125
कोरबा 125
राजनांदगांव 125
महासमुंद 125
कांकेर 125
जगदलपुर 125
बालाजी 250
रिम्स 150
रावतपुरा 100
शंकराचार्य 250
अभिषेक 150

