भोपाल। मध्य प्रदेश को उभरते प्रौद्योगिकी निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 का उद्देश्य प्रदेश में हाई-टेक उद्योगों का विस्तार करते हुए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में निवेश को नई गति देना है।
भोपाल में आयोजित कॉन्क्लेव के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री ने देश और विदेश की 10 प्रमुख कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ वन-टू-वन बैठक कर निवेश, तकनीकी सहयोग और नई औद्योगिक परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
तकनीकी निवेश को मिलेगी नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऐसी औद्योगिक व्यवस्था तैयार कर रही है, जहां आधुनिक तकनीक आधारित उद्योगों को हर जरूरी सुविधा उपलब्ध हो। उनका लक्ष्य मध्य प्रदेश को देश के सबसे भरोसेमंद टेक्नोलॉजी निवेश गंतव्यों में शामिल करना है।
आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर पर विशेष फोकस
बैठक के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई। आर्सेनल इन्फो सोल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ विनोद पटानी और डायरेक्टर अमित खरे, फुजियामा पावर के संयुक्त प्रबंध निदेशक पवन कुमार गर्ग और प्लांट हेड नवीन सिन्हा तथा ओसेल डिवाइसेज लिमिटेड के संचालन प्रमुख रितेश कुमार ने राज्य में निवेश संबंधी योजनाएं साझा कीं।
AI, डेटा सेंटर और डिजिटल इकोसिस्टम पर जोर
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए न्योबोल्ट लिमिटेड-एबीएआईडीसी के निदेशक राजेश वेत्चा, अंकित खुराना और सिद्धार्थ बाहुजा ने अपने प्रस्ताव प्रस्तुत किए। वहीं एनवीडिया के स्ट्रैटेजिक एंड बिजनेस डायरेक्टर गणेश महाबाला के साथ एआई, हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, डिजिटल इनोवेशन और भविष्य की तकनीकों पर सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
तकनीकी अधोसंरचना और डेटा नेटवर्क पर भी हुई बातचीत
सबमर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के अनुपम श्रीवास्तव तथा जेएसएम डाटाक्रॉप प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विकास गुप्ता और उत्कर्ष दुबे ने तकनीकी अधोसंरचना और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर विकसित करने से जुड़ी अपनी योजनाएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं।
सेमीकंडक्टर उद्योग में निवेश की संभावनाओं पर मंथन
सेमीकंडक्टर निर्माण और अनुसंधान के क्षेत्र में पारस सेमीकंडक्टर्स के सीईओ संतोष कुमार, थॉमसन सेमीकंडक्टर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. श्रीनिवास अनंत व आनंद तथा एमरॉल्ड इन्फ्रॉस्पेट लिमिटेड के चेयरमैन डॉ. असीम राजिक और डायरेक्टर अनिल जी. भंसाली ने मुख्यमंत्री के साथ संभावित निवेश और दीर्घकालिक तकनीकी सहयोग पर विचार-विमर्श किया।
प्रदेश को हाईटेक निवेश हब बनाने की तैयारी
कॉन्क्लेव के दौरान हुई बैठकों में स्पष्ट संकेत मिले कि मध्य प्रदेश सरकार तकनीक आधारित उद्योगों को आकर्षित करने के लिए सक्रिय रणनीति पर काम कर रही है। राज्य में एआई, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश की संभावनाओं को लेकर उद्योग जगत ने भी सकारात्मक रुचि दिखाई।

