India-Japan Joint Statement: भारत और जापान के संयुक्त बयान में आतंकवाद के संदर्भ में पाकिस्तान का उल्लेख किए जाने के बाद इस्लामाबाद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तान ने जापान के राजदूत को विदेश मंत्रालय बुलाकर औपचारिक विरोध दर्ज कराया और कहा कि संयुक्त बयान में इस्तेमाल की गई भाषा तथ्यों के अनुरूप नहीं है। वहीं जापान ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के प्रति उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं आया है।
जापानी राजदूत के सामने दर्ज कराया विरोध
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी के अनुसार, जापानी राजदूत को विदेश मंत्रालय तलब कर संयुक्त बयान पर आपत्ति दर्ज कराई गई। पाकिस्तान का कहना है कि बयान में उसके संबंध में की गई टिप्पणी स्वीकार्य नहीं है और इस पर अपनी चिंताओं से जापानी पक्ष को औपचारिक रूप से अवगत कराया गया।
भारत पर लगाया दबाव बनाने का आरोप
पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि भारत विभिन्न देशों के साथ जारी होने वाले संयुक्त बयानों में अपने पक्ष के अनुरूप भाषा शामिल कराने का प्रयास करता है। विदेश कार्यालय का कहना है कि भारत और जापान के संयुक्त बयान में भी इसी तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया है, जो पाकिस्तान के अनुसार वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाती।
जापान ने दिया भरोसा
पाकिस्तान के मुताबिक विरोध दर्ज कराने के दौरान जापान ने भरोसा दिलाया कि इस्लामाबाद के साथ उसके संबंधों और नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। जापानी पक्ष ने दोनों देशों के बीच जारी संस्थागत सहयोग और नियमित राजनयिक संवाद को आगे भी जारी रखने की बात कही।
संयुक्त बयान में क्या कहा गया था
भारत और जापान के संयुक्त बयान में दोनों देशों के नेताओं ने आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद की कड़ी निंदा की। बयान में सीमा पार आतंकवाद का उल्लेख करते हुए पाकिस्तान से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया गया। साथ ही पहलगाम और दिल्ली में हुए आतंकी हमलों की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
आतंकी संगठनों पर सख्त कार्रवाई की मांग
संयुक्त बयान में संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकी संगठनों, जिनमें अल कायदा, आईएसआईएस, लश्कर-ए-तैयबा और जैशर-ए-मोहम्मद शामिल हैं, के खिलाफ समन्वित कार्रवाई का आह्वान किया गया। दोनों देशों ने आतंकवाद के वित्तपोषण पर रोक लगाने, आतंकियों के सुरक्षित ठिकानों को समाप्त करने और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता दोहराई।

