बाजार की चाय से अलग, घर में उगाई गई ताजी जड़ी-बूटियों से बनी हर्बल चाय न केवल स्वाद में खास होती है, बल्कि दिनभर की थकान दूर करने का भी शानदार जरिया बन सकती है। इसकी मनमोहक खुशबू और प्राकृतिक स्वाद शरीर के साथ मन को भी सुकून देता है। अच्छी बात यह है कि इन जड़ी-बूटियों को घर की बालकनी, छत या छोटे से बगीचे में आसानी से उगाया जा सकता है।
हर्बल चाय क्यों है अलग?
हर्बल चाय पारंपरिक ब्लैक टी या ग्रीन टी से अलग होती है। इसमें चाय की पत्तियों के बजाय विभिन्न औषधीय पौधों की पत्तियां, फूल या तने इस्तेमाल किए जाते हैं। इन्हें ताजा या सुखाकर दोनों तरह से उपयोग किया जा सकता है।
हर्ब्स उगाने से पहले रखें इन बातों का ध्यान
अधिकांश हर्ब्स को प्रतिदिन 6 से 8 घंटे धूप की जरूरत होती है। गर्मियों में दोपहर के समय हल्की छाया मिल जाए तो पौधों की बढ़वार बेहतर रहती है। अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी में ये पौधे तेजी से विकसित होते हैं। मिट्टी में पहले से कम्पोस्ट मिला देने से पूरे मौसम में पौधों को पर्याप्त पोषण मिलता रहता है।
बीज सीधे मिट्टी में बोए जा सकते हैं। छोटे बीजों को रेत के साथ मिलाकर छिड़कना आसान रहता है। पौधे निकलने के बाद जरूरत के अनुसार अतिरिक्त पौधों को हटाकर उचित दूरी बनाए रखें। मिट्टी में लगातार नमी बनाए रखें, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचें।
हर्बल चाय के लिए पांच बेहतरीन पौधे
जर्मन कैमोमाइल
इस पौधे के छोटे सफेद फूल देखने में आकर्षक होते हैं और इनसे हल्के स्वाद वाली सुगंधित चाय तैयार होती है। इसमें थोड़ा शहद मिलाने पर इसका स्वाद और बेहतर हो जाता है।
पुदीना
हर्बल चाय के लिए पुदीना सबसे लोकप्रिय पौधों में शामिल है। पेपरमिंट, स्पीयरमिंट, चॉकलेट मिंट और एप्पल मिंट जैसी कई किस्में उपलब्ध हैं। यह तेजी से फैलता है, इसलिए इसे गमले में उगाना अधिक उपयुक्त माना जाता है।
एनीस हिसॉप
मुलेठी जैसी हल्की मिठास और खुशबू वाली यह जड़ी-बूटी चाय को अलग स्वाद देती है। यह मिंट परिवार का हिस्सा होने के बावजूद नियंत्रित तरीके से बढ़ती है और ज्यादा फैलती नहीं है।
लेमन बाम
हल्के नींबू जैसे स्वाद वाली यह हर्ब गर्मियों में बेहद ताजगी देती है। इसे भी सीमित जगह या गमले में लगाना बेहतर रहता है ताकि इसकी बढ़वार नियंत्रित रहे।
लेमन वर्बेना
अगर आपको नींबू की तेज खुशबू पसंद है तो यह पौधा बेहतरीन विकल्प है। इसकी पत्तियों से तैयार चाय में गहरी सुगंध और ताजगी का अनुभव मिलता है। इसे समय-समय पर तरल खाद देने से पौधा स्वस्थ रहता है।
हर्ब्स तोड़ने और चाय बनाने का सही तरीका
जड़ी-बूटियों की कटाई सुबह करें, जब ओस सूख चुकी हो। इस समय पौधों में प्राकृतिक तेल सबसे अधिक मात्रा में मौजूद रहते हैं। पत्तियों या फूलों को अच्छी तरह धोकर साफ करें।
एक कप चाय बनाने के लिए लगभग दो से तीन बड़े चम्मच ताजी कटी हुई हर्ब्स को कप में डालें। इसके ऊपर गर्म पानी डालकर कप को ढक दें और 10 से 15 मिनट तक रहने दें। इसके बाद छानकर स्वादानुसार शहद या दूसरी जड़ी-बूटियां मिलाकर चाय का आनंद लें।
लंबे समय तक कैसे करें सुरक्षित
अगर भविष्य के लिए हर्ब्स बचाकर रखना चाहते हैं तो उन्हें अच्छी तरह सुखा लें। सूखी पत्तियों और फूलों को कांच के एयरटाइट जार में ठंडी और अंधेरी जगह पर रखें। इस तरह इनकी खुशबू और स्वाद लगभग दो साल तक सुरक्षित रह सकते हैं। सूखी हर्ब्स का स्वाद अधिक गाढ़ा होता है, इसलिए चाय बनाते समय इनकी कम मात्रा ही पर्याप्त होती है।

