प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक प्रेरणादायक सुभाषित साझा करते हुए शिक्षा, कौशल, स्वास्थ्य और संतोष के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज का युवा इन मूल्यों को अपनाकर देश की पहचान को और मजबूत बना रहा है।
युवाओं के लिए दिया प्रेरक संदेश
प्रधानमंत्री ने लिखा कि विद्या से विवेक, कौशल से विकास और उत्तम स्वास्थ्य से हर संकल्प को सफलता मिलती है। उन्होंने कहा कि देश के युवा इन गुणों को आत्मसात कर भारत की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।इसके साथ ही उन्होंने संस्कृत का एक श्लोक भी साझा किया।’धन्यानामुत्तमं दाक्ष्यं धनानामुत्तमं श्रुतम्। लाभानां श्रेय आरोग्यं सुखानां तुष्टिरुत्तमा।’इसका भावार्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि सभी गुणों में कौशल सबसे श्रेष्ठ है, सभी धनों में विद्या सबसे मूल्यवान संपत्ति है, सभी लाभों में अच्छा स्वास्थ्य सबसे बड़ा लाभ है और सभी सुखों में संतोष को सर्वोत्तम माना गया है।
एक दिन पहले भी साझा किया था प्रेरक श्लोक
मंगलवार को भी प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित साझा किया था, जिसमें सूर्य और उसके प्रकाश के संबंध का उदाहरण देकर परस्पर सहयोग और एक-दूसरे पर निर्भरता का संदेश दिया गया था।उन्होंने लिखा था कि जिस प्रकार सूर्य और उसका प्रकाश एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं, उसी प्रकार जीवन में भी कई शक्तियां और मूल्य परस्पर सहयोग से ही सार्थक बनते हैं।
सोमवार को राष्ट्र निर्माण पर दिया था संदेश
इससे पहले सोमवार को प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण और जनकल्याण को लेकर भी प्रेरक संदेश साझा किया था। उन्होंने कहा था कि जब विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचता है और प्रत्येक नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है, तभी राष्ट्र नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ता है। उस दिन साझा किए गए संस्कृत श्लोक में कन्याओं के हितों की रक्षा, नई पीढ़ी के विकास तथा राष्ट्र की एकता, सुरक्षा और समृद्धि को जनप्रतिनिधियों का प्रमुख दायित्व बताया गया था। प्रधानमंत्री ने इन मूल्यों को मजबूत भारत के निर्माण की आधारशिला बताया।

