बरेली में सावन महीने की कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार भी कांवड़ियों के स्वागत के लिए प्रमुख शिव मंदिरों और कांवड़ मार्गों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की जाएगी। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में पौधे वितरित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाएगा।
इन प्रमुख मंदिरों पर होगी पुष्पवर्षा
प्रशासन की योजना के अनुसार अलखनाथ मंदिर, त्रिवटीनाथ मंदिर, धोपेश्वरनाथ मंदिर, तपेश्वरनाथ मंदिर, वनखंडीनाथ मंदिर समेत अन्य प्रमुख शिवालयों पर हेलीकॉप्टर से फूल बरसाए जाएंगे। वहीं रामगंगा पुल सहित प्रमुख कांवड़ मार्गों पर भी श्रद्धालुओं का आसमान से फूलों की वर्षा कर स्वागत किया जाएगा।
कांवड़ मार्ग पर मांसाहारी बिक्री पर रहेगा प्रतिबंध
कांवड़ यात्रा के मद्देनजर जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन समिति की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर मांसाहारी खाद्य पदार्थों और अंडों की बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी खाद्य प्रतिष्ठानों पर ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ एप के स्टीकर लगाने को कहा गया है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।
इसके अलावा बिना वैध लाइसेंस संचालित दुकानों पर कार्रवाई करने और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को नियमित निरीक्षण के निर्देश भी दिए गए हैं।
खाद्य कारोबारियों का पंजीकरण बढ़ाने का लक्ष्य
प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस और पंजीकरण में एक सप्ताह के भीतर 20 प्रतिशत बढ़ोतरी सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया है। साथ ही साफ-सफाई और खाद्य गुणवत्ता की जांच के लिए लगातार औचक निरीक्षण भी किए जाएंगे।
कांवड़ यात्रा से पहले सुधरेगी सड़क व्यवस्था
बरेली-बदायूं राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहे चौड़ीकरण कार्य को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों को जल्द से जल्द सड़क की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए हैं। जिन स्थानों पर निर्माण सामग्री या डायवर्जन के कारण परेशानी हो सकती है, वहां विशेष व्यवस्था की जाएगी ताकि कांवड़ियों की यात्रा सुचारु बनी रहे।
प्रशासन ने बताया कि सावन शुरू होने से दो दिन पहले नया ट्रैफिक प्लान लागू कर दिया जाएगा। लोगों से भी अपील की गई है कि यात्रा के दौरान जारी यातायात व्यवस्था का पालन करें।
आस्था के साथ हरियाली बढ़ाने की पहल
कमिश्नर भूपेंद्र एस चौधरी ने बताया कि इस बार कांवड़ियों का स्वागत केवल पुष्पवर्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन्हें पौधे भी भेंट किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना और अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना है।

