बिलासपुर। बिलासपुर की छोटी सी गली से निकलकर अवि मानिकपुरी का सफर आज एक नई ऊंचाई पर पहुंच गया है। उनका चयन अंडर-18 जुनीयर्स एशिया कप के लिए भारतीय टीम में हुजा है, जो इस बार जापान में आयोजित होगा। यह सिर्फ एक खिलाड़ी की जीत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की पूरी हॉकी संस्कृति की जीत है।
अवि ने बिलासपुर के गली मैदानों से शुरुआत की जहां अभाव था लेकिन जूजून कभी कम नहीं हुआ। स्थानीय प्रतियोगिताओं से लेकर राज्य और फिर जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप तक, हर मैच में उन्होंने अपनी गति, टेकलिंग और गेम विजन के जरिए चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। आज वह जापान की विश्च-स्तरीय सुविधाओं वाले मैदानों में भारत की शर्ट पहनकर खेलेंगे। यह बदलाव उनकी मेहनत और दृढ़ संकल्प का जीवंत प्रमाण है। इस यात्रा में एक बहो भूमिका निभाई है।
छत्तीसगढ़ हाँको संगठन ने, जिसने अध्यक्ष फिरोज अंरवरी, महासचिव डॉ. मनीष श्रीवास्तव, रोहित बाजपेयी प्रेसिडेंट हॉकी बिलासपुर और समर्पित कोचों ड्र राजेश हेनरी, हरिशंकर हेटा, मृणाल चौबे, अनुराग श्रीवास्तव, अमिताभ मानिकपुरी के साथ-साथ धनीराम यादव, रवि पारिख, सोनू सिंह के मार्गदर्शन से अवि को निखारने का संकल्प लिया। उनके पिता जितेंद्र मानिकपुरी और माता शशिकला मानिकपुरी का भी अटूट समर्थन उनकी सफलता की नीव है।
29 मई से काकामिगाहारा में टूर्नामेंट
भारतीय हॉकी के उभरते खिलाडी अवि का बयन आगामी पुरुष अंडर 18 एशिया कप काकागिगाहारा 2026 के लिए भारतीय टीम में हुआ है। हॉकी इंडिया द्वारा बुधवार को घोषित 18 सदस्यीय भारतीय अंडर-18 पुरुष टीम जापान में 29 मई से 6 जून तक आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में हिस्सा लेगी। वर्तमान में अवि मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी, भोपाल में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यहां ओलंपिगन समीर दाद उनके खेल को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। समीर दाद ने अवि की ड्रिब्लिंग, पोजिशनिंग और टीम-प्लेइंग की सराहना करते हुए कहा कि वह भारतीय हॉकी के भविष्य के मजबूत आधार स्तंभ बन सकते हैं। अकादमी की आधुनिक सुविधाओं और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण ने अवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों के लिए तैयार किया है।
अंडर-18 एशिया कप अदि के लिए केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि दुनिया के बेहतरीन युवा खिलाडियों के बीच अपनी प्रतिभा साबित करने का बड़ा मंच है। यहां का अनुभव भविष्य में सीनियर नियर भारतीय टीम और ओलंपिक तक पहुंचने की दिशा में अहम साबित हो सकता है। टीम चयन पर कोच सरदार सिंह ने कहा कि चयन प्रक्रिया बेहद प्रतिस्पर्धात्मक रही।

