पुरी: विश्व प्रसिद्ध पुरी रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ की पारंपरिक पाहंडी यात्रा में ताहिया नहीं पहनाए जाने को लेकर ओडिशा में धार्मिक और राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। 12वीं शताब्दी के श्रीजगन्नाथ मंदिर की सदियों पुरानी परंपरा में बदलाव को लेकर विपक्षी दल बीजू जनता दल और कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।विपक्ष का आरोप है कि यह घटना करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और ओड़िया संस्कृति से जुड़ी परंपराओं का अपमान है। वहीं मंदिर प्रशासन और सेवायतों ने इस फैसले के पीछे मौसम और सुरक्षा संबंधी कारण बताए हैं।
बारिश से भारी हो गया था ताहिया
मामले पर श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन और पाहंडी यात्रा में शामिल सेवायतों ने सफाई दी है। दैतापति निजोग के सचिव रामकृष्ण दासमहापात्र ने बताया कि रथ यात्रा के दौरान लगातार बारिश के कारण फूलों और बांस से तैयार किया गया ताहिया पूरी तरह भीग गया था।बारिश के कारण उसका वजन काफी बढ़ गया था, जिससे पाहंडी प्रक्रिया में देरी होने और व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। इसी वजह से सेवायतों ने इसे हटाने का निर्णय लिया।
सुरक्षा कारणों से भी लिया गया फैसला
सेवायत बिनायक दासमहापात्र ने बताया कि ताहिया में लगी बांस की पतली और नुकीली छड़ियां बारिश के बाद परेशानी का कारण बन रही थीं। पाहंडी के दौरान इनसे सेवायतों की आंखों में चोट लगने की आशंका थी।उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा को सुचारु रूप से पूरा कराने के लिए यह कदम उठाया गया।
मंदिर प्रशासन ने खुद को निर्णय से अलग बताया
विवाद बढ़ने के बाद श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक अरविंद पाढ़ी ने स्पष्ट किया कि ताहिया पहनाने या हटाने का अधिकार सेवायतों के पास होता है। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई निर्देश जारी नहीं किया गया था।
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
घटना को लेकर बीजेडी और कांग्रेस ने राज्य सरकार पर हमला बोला है। विधानसभा में विपक्ष की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने कहा कि यह गंभीर चूक है, क्योंकि उस समय मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस प्रशासन के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के कार्यकाल में रथ यात्रा की कई परंपराओं में बदलाव हुआ है और इसके लिए सरकार को श्रद्धालुओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
कांग्रेस ने उठाया ओड़िया अस्मिता का मुद्दा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव से पहले ओड़िया अस्मिता की बात करने वाली सरकार अब धार्मिक परंपराओं की रक्षा करने में विफल साबित हो रही है।
सरकार ने बताया यात्रा सफल
दूसरी ओर, राज्य सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। सरकार का कहना है कि लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद पूरी रथ यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और प्रशासन ने सभी व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से संभालीं।फिलहाल ताहिया विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है और यह मुद्दा आने वाले दिनों में भी ओडिशा की राजनीति में चर्चा का विषय बना रह सकता है।

