दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ यानी DUSU चुनाव 2026 के लिए मतदान 18 सितंबर को दो पालियों में संपन्न हो चुका है। इस चुनाव में 1,51,842 छात्र मतदान के लिए पात्र थे और कुल 40.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अब 19 सितंबर को मतगणना हो रही है और चार केंद्रीय पदों के नतीजों पर सबकी नजर है।
चार प्रमुख पदों के लिए सात उम्मीदवार मैदान में
DUSU के केंद्रीय पैनल में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद के लिए चुनाव हुआ। अध्यक्ष पद पर कुल सात उम्मीदवार मैदान में रहे। इनमें ABVP के यश डबास, NSUI के विजय शंकर मीणा और AISA-SFI की संयुक्त उम्मीदवार अनन्या रतूड़ी प्रमुख नाम हैं।
चारों प्रमुख पदों के लिए अलग-अलग छात्र संगठनों के प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा। मतदान के बाद सभी उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य अब मतगणना के नतीजों से तय होगा।
सुबह और शाम की पाली में हुई वोटिंग
दिल्ली विश्वविद्यालय में मतदान दो चरणों में कराया गया। डे या मॉर्निंग कॉलेजों के छात्रों के लिए मतदान सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक चला। इसके बाद इवनिंग कॉलेजों के छात्रों ने दोपहर 3 बजे से शाम 7:30 बजे तक वोट डाले।
मतदान केंद्रों पर छात्रों की पहचान जांचने के साथ भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई थीं।
2 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों की तैनाती
चुनाव को देखते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ और साउथ कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। रिपोर्टों के मुताबिक 2,000 से अधिक पुलिस और पैरामिलिट्री जवानों को तैनात किया गया था। प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल के साथ फुट पेट्रोलिंग, मोटरसाइकिल टीम और PCR वैन भी सक्रिय रहीं।
विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के इलाकों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए वाहनों और लोगों की आवाजाही पर भी निगरानी रखी गई।
चुनाव प्रचार के मुद्दों में हॉस्टल और कैंपस सुविधाएं प्रमुख
इस बार DUSU चुनाव के प्रचार में छात्र आवास और कैंपस से जुड़ी सुविधाओं के मुद्दे प्रमुख रहे। अलग-अलग छात्र संगठनों ने हॉस्टल, सुरक्षित आवास, शिक्षा से जुड़ी लागत और छात्रों की रोजमर्रा की जरूरतों से संबंधित मुद्दे उठाए।
दिल्ली हाईकोर्ट की सख्ती के बीच हुआ चुनाव
चुनाव प्रक्रिया के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित हिंसा, वाहनों के काफिले और लिंगदोह समिति के नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों पर सख्त रुख अपनाया। अदालत ने चुनाव प्रक्रिया में नियमों के पालन और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा को लेकर संबंधित पक्षों से जवाब भी मांगा।
अब मतगणना पर टिकी निगाहें
18 सितंबर को मतदान पूरा होने के बाद EVM को मतगणना केंद्र तक पहुंचाया गया। अब 19 सितंबर को वोटों की गिनती जारी है। आधिकारिक नतीजों के सामने आने के बाद स्पष्ट होगा कि DUSU के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पदों पर कौन-कौन से उम्मीदवार चुने गए हैं।

