देश : थोक महंगाई ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी ताजा अनंतिम आंकड़ों के अनुसार जून 2026 में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई बढ़कर 9.87 प्रतिशत पहुंच गई, जबकि मई में यह 9.68 प्रतिशत थी। ईंधन, खाद्य वस्तुओं, खनिज तेल और विनिर्मित उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी इसकी प्रमुख वजह रही।
ईंधन और खाद्य वस्तुओं ने बढ़ाया दबाव
जून के दौरान प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई 7.00 प्रतिशत दर्ज की गई। वहीं ईंधन एवं ऊर्जा समूह की महंगाई 27.41 प्रतिशत रही, जबकि विनिर्मित उत्पादों की महंगाई 7.48 प्रतिशत पर स्थिर रही।
सूचकांक के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्राथमिक वस्तुओं का सूचकांक बढ़कर 116.1, ईंधन एवं ऊर्जा समूह का 111.1 और विनिर्मित उत्पादों का 107.8 दर्ज किया गया।
खाद्य महंगाई में भी आया उछाल
जून 2026 में थोक खाद्य महंगाई बढ़कर 6.14 प्रतिशत हो गई, जबकि मई में यह 4.49 प्रतिशत थी। खाद्य वर्ग में प्राथमिक खाद्य सामग्री और विनिर्मित खाद्य उत्पाद शामिल होते हैं। मंत्रालय के अनुसार खाद्य कीमतों में तेजी ने कुल थोक महंगाई को ऊपर धकेलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इन सेक्टरों की कीमतों ने बढ़ाई मुश्किल
जून के दौरान पेट्रोलियम उत्पाद, खाद्य सामग्री, मूलभूत धातुओं से बने उत्पाद तथा रसायन एवं रासायनिक उत्पादों की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में आई तेजी का सीधा असर थोक मूल्य सूचकांक पर देखने को मिला।
अप्रैल के आंकड़ों में भी हुआ बदलाव
मंत्रालय ने अप्रैल 2026 के अंतिम आंकड़ों में संशोधन करते हुए थोक मूल्य सूचकांक 108.8 से बढ़ाकर 108.9 कर दिया है। इसके साथ ही अप्रैल की थोक महंगाई दर भी 8.26 प्रतिशत के अनंतिम अनुमान से बढ़ाकर 8.36 प्रतिशत कर दी गई है।
मंत्रालय के अनुसार अप्रैल के अंतिम आंकड़े 97.5 प्रतिशत वेटेड रिस्पॉन्स रेट पर आधारित हैं, जबकि जून के अनंतिम आंकड़े 82.6 प्रतिशत वेटेड रिस्पॉन्स रेट के आधार पर तैयार किए गए हैं।
अगले महीने आएंगे नए आंकड़े
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बताया कि जुलाई 2026 के थोक मूल्य सूचकांक, आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स और ट्रायल इनपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स के अनंतिम आंकड़े 14 अगस्त 2026 को जारी किए जाएंगे। तब यह साफ होगा कि महंगाई का यह रुख आगे भी जारी रहता है या इसमें राहत देखने को मिलती है।

