Close Menu
  • होम
  • देश
  • प्रदेश
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • ऑटो न्यूज़
  • खेल
  • जॉब
  • टेक्नोलॉजी
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
What's Hot

युवाओं के प्रदर्शन पर बोले राजनाथ सिंह, विपक्ष पर लगाया राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप

July 22, 2026

जंतर-मंतर पर पुलिसकर्मी की हार्टअटैक से मौत की खबर निकली फर्जी…दिल्ली पुलिस ने किया खंडन

July 22, 2026

25 दिन से भूख हड़ताल पर सोनम वांगचुक…विपक्षी सांसदों ने अस्पताल पहुंचकर की आंदोलन खत्म करने की अपील

July 22, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
  • होम
  • देश
  • प्रदेश
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • ऑटो न्यूज़
  • खेल
  • जॉब
  • टेक्नोलॉजी
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • होम
  • देश
  • प्रदेश
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • ऑटो न्यूज़
  • खेल
  • जॉब
  • टेक्नोलॉजी
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
Home»देश»Jagannath Rath Yatra: नीलाद्रि बीजे से होता है रथ यात्रा का समापन, जानिए रसगुल्ले वाली पौराणिक कथा
देश

Jagannath Rath Yatra: नीलाद्रि बीजे से होता है रथ यात्रा का समापन, जानिए रसगुल्ले वाली पौराणिक कथा

Daily PinchBy Daily PinchJuly 17, 2026
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
Share
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

Jagannath Rath Yatra: : विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा केवल रथ खींचने और दर्शन तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसका समापन भी एक विशेष धार्मिक परंपरा के साथ होता है। रथ यात्रा के अंतिम चरण को नीलाद्रि बीजे कहा जाता है। यह भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के अपने मुख्य मंदिर में पुनः लौटने का प्रतीक माना जाता है।

नौ दिन बाद होती है भगवान की मंदिर वापसी

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के साथ नौ दिनों के लिए गुंडिचा मंदिर जाते हैं। इसे भगवान की मौसी का घर माना जाता है। नौ दिन पूरे होने के बाद तीनों देवता भव्य शोभायात्रा के साथ श्रीमंदिर वापस लौटते हैं।

भगवान के इस पुनः मंदिर प्रवेश को ही नीलाद्रि बीजे कहा जाता है। इसी अनुष्ठान के साथ वार्षिक रथ यात्रा का धार्मिक समापन माना जाता है।

क्या है नीलाद्रि बीजे का अर्थ

नीलाद्रि शब्द भगवान जगन्नाथ के पवित्र धाम से जुड़ा हुआ है, जबकि बीजे का अर्थ दोबारा प्रवेश करना या अपने स्थान पर विराजमान होना होता है। इस दिन विशेष पूजा और वैदिक मंत्रों के बीच भगवान के विग्रहों को रथों से उतारकर मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाता है।

इसके बाद भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा अपने रत्न सिंहासन पर पुनः विराजमान होते हैं।

माता लक्ष्मी की नाराजगी से जुड़ी है खास परंपरा

नीलाद्रि बीजे की सबसे प्रसिद्ध परंपरा भगवान जगन्नाथ और माता लक्ष्मी के बीच हुए संवाद से जुड़ी है। पौराणिक मान्यता के अनुसार जब भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा पर निकले, तो वह अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को साथ ले गए, लेकिन माता लक्ष्मी को अपने साथ नहीं ले गए।

इससे माता लक्ष्मी नाराज हो गईं। जब भगवान जगन्नाथ नौ दिन बाद वापस लौटे, तो माता लक्ष्मी ने मंदिर के द्वार बंद कर दिए और भगवान को तुरंत प्रवेश नहीं दिया।

रसगुल्ले के भोग से प्रसन्न हुईं माता लक्ष्मी

कथा के अनुसार भगवान जगन्नाथ ने माता लक्ष्मी का क्रोध शांत करने के लिए उन्हें रसगुल्ले का भोग अर्पित किया। भगवान के प्रेम और सम्मान से प्रसन्न होकर माता लक्ष्मी ने मंदिर के द्वार खोल दिए।

इसी मान्यता के कारण नीलाद्रि बीजे के दिन भगवान जगन्नाथ को रसगुल्ले का भोग लगाने की परंपरा चली आ रही है। यह परंपरा पति-पत्नी के बीच प्रेम, सम्मान और आपसी समझ का प्रतीक भी मानी जाती है।

पुरी मंदिर में होते हैं विशेष धार्मिक आयोजन

नीलाद्रि बीजे के अवसर पर पुरी स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान के पुनः मंदिर प्रवेश के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रों के उच्चारण, पारंपरिक अनुष्ठानों और धार्मिक विधियों के साथ भगवान के विग्रहों को गर्भगृह में स्थापित किया जाता है। कई स्थानों पर भगवान जगन्नाथ और माता लक्ष्मी से जुड़ी इस कथा का सांस्कृतिक रूप से मंचन भी किया जाता है।

प्रेम और पुनर्मिलन का संदेश देता है नीलाद्रि बीजे

नीलाद्रि बीजे केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रेम, क्षमा, परिवार और पुनर्मिलन का संदेश देने वाली परंपरा भी है। यही कारण है कि रथ यात्रा के अंतिम दिन मनाया जाने वाला यह पर्व लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था और उत्साह का केंद्र बना रहता है। भगवान जगन्नाथ की यह अनूठी परंपरा भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ाने का काम करती है।

Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
Daily Pinch

Related Posts

युवाओं के प्रदर्शन पर बोले राजनाथ सिंह, विपक्ष पर लगाया राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप

July 22, 2026

जंतर-मंतर पर पुलिसकर्मी की हार्टअटैक से मौत की खबर निकली फर्जी…दिल्ली पुलिस ने किया खंडन

July 22, 2026

25 दिन से भूख हड़ताल पर सोनम वांगचुक…विपक्षी सांसदों ने अस्पताल पहुंचकर की आंदोलन खत्म करने की अपील

July 22, 2026

Latest News

Uncategorized

युवाओं के प्रदर्शन पर बोले राजनाथ सिंह, विपक्ष पर लगाया राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप

By Daily PinchJuly 22, 2026
देश

जंतर-मंतर पर पुलिसकर्मी की हार्टअटैक से मौत की खबर निकली फर्जी…दिल्ली पुलिस ने किया खंडन

By Daily PinchJuly 22, 2026
देश

25 दिन से भूख हड़ताल पर सोनम वांगचुक…विपक्षी सांसदों ने अस्पताल पहुंचकर की आंदोलन खत्म करने की अपील

By Daily PinchJuly 22, 2026
देश

नीट मुद्दे पर राज्यसभा में घमासान, विपक्ष के हंगामे के बाद सदन कल तक स्थगित

By Daily PinchJuly 22, 2026
About Us
About Us

Daily Pinch एक विश्वसनीय प्लेटफॉर्म है जहाँ आपको ताज़ा खबरें, ट्रेंडिंग अपडेट्स और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में मिलती है।

Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
Our Picks

युवाओं के प्रदर्शन पर बोले राजनाथ सिंह, विपक्ष पर लगाया राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप

July 22, 2026

जंतर-मंतर पर पुलिसकर्मी की हार्टअटैक से मौत की खबर निकली फर्जी…दिल्ली पुलिस ने किया खंडन

July 22, 2026

25 दिन से भूख हड़ताल पर सोनम वांगचुक…विपक्षी सांसदों ने अस्पताल पहुंचकर की आंदोलन खत्म करने की अपील

July 22, 2026
Most Popular

खुजली करने से क्यों बढ़ जाती है परेशानी? जानिए कीड़े के काटने पर क्या करें और क्या नहीं

July 3, 2026301

शास्त्री नगर मार्केट औऱ शंकर नगर लोधी चौक सब्जी मार्केट में एकल उपयोग प्लास्टिक उन्मूलन हेतु जागरूकता अभियान आयोजित

June 16, 202639

रायपुर में सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ बड़ा अभियान, हाई स्कूल बोरिया कला और बाजारों में लोगों को किया जागरूक

June 18, 202614
© 2026 Daily Pinch.
  • About us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.