नई दिल्ली: कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर भारत सरकार ने सम्मान स्वरूप एक दिवसीय राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। सोमवार को राजधानी दिल्ली सहित देशभर के प्रमुख सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा आधा झुका रहा।राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, संविधान सदन समेत कई महत्वपूर्ण सरकारी परिसरों में दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए ध्वज को आधा झुकाया गया। इसके अलावा नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, कृषि भवन, रेल भवन, वायु सेना भवन और सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स जैसे प्रमुख प्रशासनिक भवनों पर भी राष्ट्रीय शोक के तहत यही व्यवस्था रही।शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी का 12 जुलाई को 74 वर्ष की आयु में निधन हुआ था। कतर सरकार ने उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि की थी।
सरकारी कार्यक्रम स्थगित, किरेन रिजिजू जाएंगे कतर
विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रीय शोक के दौरान उन सभी सरकारी इमारतों पर तिरंगा आधा झुका रहेगा जहां नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है।इस दौरान केंद्र सरकार की ओर से आयोजित होने वाले सभी मनोरंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं। भारत सरकार की ओर से कतर के शाही परिवार और वहां के नागरिकों के प्रति संवेदना प्रकट करने के लिए केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू कतर जाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर उन्हें दूरदर्शी नेता और भारत का मित्र बताते हुए श्रद्धांजलि दी।प्रधानमंत्री ने फरवरी 2024 में अपनी कतर यात्रा के दौरान हुई मुलाकात को याद किया। उन्होंने कतर के वर्तमान अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी, शाही परिवार और कतर के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत नेता की आत्मा की शांति की कामना की।
शेख हमद ने बदली कतर की तस्वीर
शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी ने वर्ष 1995 में कतर की सत्ता संभाली थी। अपने करीब 18 वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने देश के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा दी।उनके नेतृत्व में कतर ने प्राकृतिक गैस क्षेत्र में बड़े निवेश किए, जिससे वह वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक प्रमुख शक्ति बनकर उभरा। इसके अलावा बुनियादी ढांचे के विकास, दोहा के आधुनिकीकरण और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।र्ष 2013 में शेख हमद ने स्वेच्छा से सत्ता अपने बेटे शेख तमीम बिन हमद अल-थानी को सौंप दी थी। उनके कार्यकाल को आधुनिक कतर के निर्माण के महत्वपूर्ण दौर के रूप में देखा जाता है।

