नई दिल्ली। पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक नेतृत्व को लेकर जारी खींचतान अभी थमती नजर नहीं आ रही है। प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग के खिलाफ असंतुष्ट नेताओं और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल के बीच शनिवार को चंडीगढ़ में लंबी बैठक हुई, लेकिन इससे कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। कई घंटे चली चर्चा के बाद अब पूरे मामले पर अंतिम निर्णय कांग्रेस आलाकमान के स्तर पर होने की संभावना है।
राजा वारिंग के विरोध में नेताओं का शक्ति प्रदर्शन
चंडीगढ़ में विधायक राणा गुरजीत सिंह के आवास पर आयोजित बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में मौजूद नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष के रूप में राजा वारिंग को बनाए रखने के फैसले पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि यह किसी व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं, बल्कि संगठन को मजबूत करने का मुद्दा है।
2027 चुनाव से पहले बढ़ी कांग्रेस की चुनौती
हाल ही में कांग्रेस नेतृत्व ने अमरिंदर सिंह राजा वारिंग को प्रदेश अध्यक्ष के पद पर बनाए रखने का फैसला किया है, जबकि चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। ऐसे समय में पार्टी के भीतर बढ़ती गुटबाजी को आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए चुनौती माना जा रहा है।
वरिष्ठ नेताओं ने रखी अपनी बात
बैठक में चरणजीत सिंह चन्नी, प्रताप सिंह बाजवा, राणा गुरजीत सिंह, सुखजिंदर सिंह रंधावा, संगत सिंह गिलजियां, अरुणा चौधरी, ओपी सोनी, परगट सिंह, तृप्त राजेंद्र सिंह बाजवा और भारत भूषण आशू समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। नेताओं ने संगठन की मौजूदा स्थिति, नेतृत्व शैली और चुनावी रणनीति को लेकर अपनी चिंताएं प्रभारी भूपेश बघेल के सामने रखीं।
राजा वारिंग ने बैठक से बनाई दूरी
प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग इस बैठक में शामिल नहीं हुए। उन्होंने कहा कि उनकी गैरमौजूदगी से असंतुष्ट नेता बिना किसी दबाव के अपनी बात खुलकर रख सकेंगे। सूत्रों के अनुसार, बैठक में शामिल अधिकांश नेताओं ने प्रदेश नेतृत्व में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया।
भूपेश बघेल ने कहा, शिकायतें आलाकमान तक पहुंचेंगी
बैठक के बाद भूपेश बघेल ने कहा कि सभी नेताओं ने विस्तार से अपनी बातें रखीं और विभिन्न मुद्दों से अवगत कराया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी सुझाव और शिकायतें कांग्रेस आलाकमान तक पहुंचाई जाएंगी। साथ ही नेताओं से अपील की कि संगठन के अंदरूनी मतभेद सार्वजनिक मंचों पर लाने से बचें।
टिकट योग्यता के आधार पर मिलेगा
भूपेश बघेल ने कहा कि पार्टी में किसी नेता के साथ केवल इसलिए अन्याय नहीं होगा कि उसे किसी बड़े नेता का समर्थन नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में उम्मीदवारों का चयन उनकी जीतने की क्षमता और संगठनात्मक मजबूती को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
रंधावा बोले, पार्टी की एकजुटता सबसे जरूरी
बैठक के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने चर्चा को सकारात्मक बताते हुए कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य पंजाब में दोबारा सरकार बनाना है। इसके लिए संगठन में एकता के साथ मजबूत और बेबाक नेतृत्व की जरूरत है, जो जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठा सके।

