फुटबॉल विश्व कप 2026 के तीसरे स्थान के मुकाबले ने दर्शकों को रोमांच की ऐसी सौगात दी, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। मियामी के हार्ड रॉक स्टेडियम में इंग्लैंड और फ्रांस के बीच खेले गए मुकाबले में दोनों टीमों ने मिलकर 10 गोल दागे। अंत में इंग्लैंड ने 6-4 से शानदार जीत दर्ज कर कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। वहीं फ्रांस के स्टार खिलाड़ी किलियन एम्बापे ने व्यक्तिगत प्रदर्शन से विश्व कप इतिहास में नया कीर्तिमान भी स्थापित कर दिया।
शुरुआत से ही इंग्लैंड का दबदबा
सेमीफाइनल की निराशा पीछे छोड़ते हुए इंग्लैंड ने मैच की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की। पहले हाफ में उसकी तेज आक्रमण पंक्ति के सामने फ्रांस की रक्षा पंक्ति पूरी तरह बिखरी नजर आई। इसका फायदा उठाकर इंग्लैंड ने लगातार चार गोल दाग दिए और मध्यांतर तक 4-0 की मजबूत बढ़त बना ली।
एम्बापे ने बनाया नया विश्व रिकॉर्ड
दूसरे हाफ में फ्रांस ने वापसी की कोशिश की और इसकी अगुवाई किलियन एम्बापे ने की। उन्होंने 48वें और 66वें मिनट में दो गोल कर टीम की उम्मीदें जिंदा रखीं। इन गोलों के साथ विश्व कप में उनके कुल गोलों की संख्या 22 हो गई। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने लियोनेल मेसी के 21 गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया इतिहास रच दिया।
साका ने दोहराया 60 साल पुराना कारनामा
फ्रांस की वापसी के बीच इंग्लैंड के लिए बुकायो साका सबसे बड़े नायक साबित हुए। उन्होंने शानदार हैट्रिक लगाकर मुकाबले में अपनी टीम की बढ़त बनाए रखी। इसके साथ ही साका विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले में हैट्रिक लगाने वाले इंग्लैंड के केवल दूसरे खिलाड़ी बन गए। उनसे पहले यह उपलब्धि ज्यॉफ हर्स्ट ने 1966 के विश्व कप फाइनल में हासिल की थी। लगभग छह दशक बाद इंग्लैंड के किसी खिलाड़ी ने यह रिकॉर्ड दोहराया।
बेलिंघम ने जीत पर लगाई अंतिम मुहर
मैच के अंतिम चरण में फ्रांस ने लगातार गोल कर स्कोर 5-4 तक पहुंचा दिया, जिससे मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया। हालांकि निर्णायक समय पर जुड बेलिंघम ने शानदार व्यक्तिगत प्रयास से गोल कर इंग्लैंड की बढ़त फिर मजबूत कर दी। उनके इस गोल ने इंग्लैंड की 6-4 की ऐतिहासिक जीत और कांस्य पदक पर कब्जे को सुनिश्चित कर दिया।

