मुंबई। ‘लॉक अप 2’ की विजेता श्रेया कालरा ने उन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है, जिनमें उनके ‘बिग बॉस 20’ में बतौर कंटेस्टेंट शामिल होने की चर्चा हो रही थी। सोशल मीडिया पर लगातार उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने साफ कर दिया कि फिलहाल किसी भी रियलिटी शो में प्रतियोगी बनने का उनका कोई इरादा नहीं है।
कंटेस्टेंट बनने से किया साफ इनकार
अपने इंस्टाग्राम चैनल पर श्रेया कालरा ने कहा कि हाल ही में उन्होंने एक बेहद चुनौतीपूर्ण रियलिटी शो का अनुभव पूरा किया है और फिलहाल वह दोबारा उसी तरह की मानसिक परीक्षा से नहीं गुजरना चाहतीं।
उन्होंने कहा कि किसी रियलिटी शो में कंटेस्टेंट बनना मानसिक रूप से काफी थका देने वाला अनुभव होता है। इसलिए अभी वह ‘बिग बॉस 20’ में हिस्सा नहीं लेंगी।
होस्ट या मेंटर बनने का ऑफर मिला तो करेंगी विचार
हालांकि श्रेया ने यह भी कहा कि अगर भविष्य में उन्हें किसी रियलिटी शो में होस्ट, मेंटर या गैंग लीडर जैसी भूमिका निभाने का अवसर मिलता है, तो वह उसे लेकर जरूर उत्साहित होंगी। उनके मुताबिक ऐसी भूमिका में काम करना उन्हें पसंद आएगा, लेकिन प्रतियोगी बनना फिलहाल उनकी प्राथमिकता नहीं है।
जीत का श्रेय दिया अपने समर्थकों को
‘लॉक अप 2’ की ट्रॉफी जीतने के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्रेया ने अपनी सफलता उन सभी लोगों को समर्पित की, जिन्होंने पूरे सफर में उनका साथ दिया। उन्होंने अपने परिवार, प्रशंसकों, बॉयफ्रेंड ऋषभ जायसवाल, अभिनेत्री शिल्पा शिंदे और माधुरी ग्रोवर का विशेष रूप से आभार जताया।
उन्होंने कहा कि शो के दौरान उन्हें कई मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा और यह जीत उन सभी संघर्षों पर मिली सफलता का प्रतीक है।
एक करोड़ की इनामी राशि का किया प्लान
श्रेया ने बताया कि उन्हें मिली एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि का उपयोग वह सोच-समझकर करेंगी। उन्होंने कहा कि राशि का एक हिस्सा शिल्पा शिंदे द्वारा समर्थित शेल्टर होम की मदद के लिए देना चाहती हैं, जबकि बाकी रकम प्रॉपर्टी में निवेश करेंगी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में खुद को ‘बिजनेस माइंडेड’ भी बताया।
आलोचनाओं पर दिया बेबाक जवाब
अपनी जीत पर सवाल उठाने वालों को जवाब देते हुए श्रेया ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि वह इस ट्रॉफी और पुरस्कार राशि की हकदार हैं। उनके अनुसार उन्होंने शो में मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक स्तर पर अपना सर्वश्रेष्ठ दिया।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की नजर में खुद को सही साबित करना संभव नहीं होता। अगर कोई उन्हें अपनी कहानी का विलेन मानता है, तो इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि वह खुद को अपनी जिंदगी की हीरो मानती हैं।

