पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, किसानों और मजदूरों का विरोध तेज होता नजर आ रहा है। शनिवार को फरीदकोट, फिरोजपुर, फाजिल्का, मोगा और मुक्तसर से आए कर्मचारियों और पेंशनभोगियों ने पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवान के पैतृक गांव संधवान स्थित आवास के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर चुनावी वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए अपनी मांगें जल्द पूरी करने की मांग की।
42 प्रतिशत DA से नाराज कर्मचारी, 60 प्रतिशत भत्ते की मांग
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी संगठनों का कहना है कि राज्य सरकार फिलहाल कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 42 प्रतिशत महंगाई भत्ता दे रही है। कर्मचारी नेताओं के मुताबिक कई अन्य राज्यों में यह भत्ता 60 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। उनका आरोप है कि पंजाब सरकार DA के बकाया भुगतान को लेकर भी गंभीरता नहीं दिखा रही है।
कर्मचारी नेताओं ने मांग रखी कि लंबित महंगाई भत्ते का भुगतान जल्द किया जाए और मौजूदा DA को बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।
पांच जिलों से पहुंचे कर्मचारी, स्पीकर के आवास पर जोरदार प्रदर्शन
फरीदकोट, फिरोजपुर, फाजिल्का, मोगा और मुक्तसर के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने प्रदर्शन को व्यापक रूप दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर स्पीकर के आवास के बाहर विरोध दर्ज कराया।
उनका कहना है कि सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से किए गए वादों को पूरा करने के बजाय उन्हें लगातार इंतजार कराया है। अब वे सरकार से स्पष्ट निर्णय और समयबद्ध कार्रवाई चाहते हैं।
किसानों और खेतिहर मजदूरों ने भी मंत्रियों के घरों के बाहर खोला मोर्चा
कर्मचारियों के प्रदर्शन के साथ ही किसानों और मजदूरों का आंदोलन भी तेज हुआ। भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां ने पंजाब सरकार के चार मंत्रियों के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। संगठन ने AAP सरकार पर किसानों और खेतिहर मजदूरों से जुड़े मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
किसान संगठन की ओर से कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, मंत्री डॉ. बलजीत कौर और बिजली मंत्री तरुणप्रीत सोंड के आवासों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया गया।
किसानों और मजदूरों का आरोप, समस्याओं के समाधान में सरकार नाकाम
BKU एकता उग्राहां का कहना है कि किसानों और खेतिहर मजदूरों से जुड़े कई मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं। संगठन ने सरकार पर आरोप लगाया कि बार बार मांगें उठाने के बावजूद उन्हें ठोस समाधान नहीं मिला है। इसी नाराजगी के चलते मंत्रियों के आवासों के बाहर प्रदर्शन का फैसला लिया गया।
पंजाब में एक ही दिन कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, किसानों और मजदूरों के अलग अलग विरोध प्रदर्शनों से सरकार पर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। अब निगाह इस बात पर है कि AAP सरकार इन आंदोलनों और लंबित मांगों पर क्या कदम उठाती है।

