सागर ; बंडा शराब कांड के बाद जिला प्रशासन की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। मामले में आरोपियों पर शिकंजा कसते हुए प्रशासन ने तीन लोगों के शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं। इनमें मामले से जुड़े मुख्य आरोपी चंद्रभान राजपूत, उसके चाचा सोहन सिंह राजपूत और फरार आरोपी सिद्धार्थ कुशवाहा से जुड़े लाइसेंस शामिल हैं। प्रशासन ने संबंधित हथियारों को तत्काल थाने में जमा कराने के निर्देश भी दिए हैं।
आपराधिक मामलों और हथियारों के संभावित दुरुपयोग को देखते हुए फैसला
जिला प्रशासन ने अपराध पर नियंत्रण, लोक शांति और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट प्रतिभा पाल ने आयुध अधिनियम 1959 के तहत बंडा और बहेरिया थाना क्षेत्रों से जुड़े तीन अलग अलग मामलों में शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के आदेश जारी किए।
पुलिस अधीक्षक सागर की रिपोर्ट, संबंधित लोगों के खिलाफ दर्ज आपराधिक प्रकरणों और हथियारों के संभावित दुरुपयोग की आशंका को कार्रवाई का आधार बनाया गया है। जिन लोगों ने प्रशासन की प्रक्रिया के दौरान जवाब नहीं दिया या निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं हुए, उनके खिलाफ एकपक्षीय कार्रवाई की गई।
सोहन राजपूत का 12 बोर लाइसेंस निरस्त, बंडा थाने में हथियार जमा करने के आदेश
ग्राम ततरवारा निवासी सोहन राजपूत का शस्त्र लाइसेंस क्रमांक 11/2004 निरस्त किया गया है। यह लाइसेंस 12 बोर हथियार के लिए जारी किया गया था। प्रशासन ने संबंधित हथियार को तत्काल थाना बंडा में जमा कराने का आदेश दिया है।
निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं होने के कारण सोहन राजपूत के खिलाफ एकपक्षीय कार्रवाई की गई।
चंद्रभान राजपूत की पत्नी हेमलता का रायफल लाइसेंस भी रद्द
ग्राम ततरवारा निवासी हेमलता राजपूत, जो चंदू उर्फ चंद्रभान सिंह राजपूत की पत्नी हैं, का शस्त्र लाइसेंस क्रमांक 112/2020 भी निरस्त कर दिया गया है। यह लाइसेंस एनपी बोर रायफल के लिए जारी किया गया था।
प्रशासन ने संबंधित रायफल को भी तत्काल थाना बंडा में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
फरार सिद्धार्थ कुशवाहा के दो हथियारों पर भी प्रशासन की कार्रवाई
ग्राम रूसल्ला निवासी सिद्धार्थ कुशवाहा का शस्त्र लाइसेंस क्रमांक 03/2016 भी निरस्त किया गया है। इस लाइसेंस के तहत 12 बोर दो नाल हथियार और .315 बोर रायफल दर्ज थी।
प्रशासन के मुताबिक कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं देने और निर्धारित प्रक्रिया के दौरान अनुपस्थित रहने के बाद उनके खिलाफ एकपक्षीय कार्रवाई की गई। दोनों हथियार थाना बहेरिया में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
अब दो शराब दुकानों के लाइसेंस भी रद्द, बंडा कांड के बाद प्रशासन का दूसरा बड़ा कदम
बंडा शराब कांड में प्रशासन ने सिर्फ शस्त्र लाइसेंस तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। मामले में सामने आए नामों के आधार पर दो शराब दुकानों के लाइसेंस भी निरस्त कर दिए गए हैं। दोनों लाइसेंसधारियों पर घटना से जुड़े मामले में नाम सामने आने के बाद आबकारी विभाग के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है।
आबकारी अधिनियम की धारा 31 के तहत लाइसेंस रद्द
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी प्रतिभा पाल ने घटना की गंभीरता को देखते हुए वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत मदिरा अनुज्ञप्तियां तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी हैं। बंडा क्षेत्र में हुई घटना के बाद थाना विनायका और थाना बंडा में भारतीय न्याय संहिता तथा मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
FIR में लाइसेंसधारियों के नाम सामने आने के बाद मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 31 ख के प्रावधानों के तहत लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की गई।
सिद्धार्थ कुशवाहा और यशवंत ठाकुर की शराब दुकानों पर गिरी गाज
मगरधा मदिरा समूह SGR/31 के लाइसेंसधारी सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा, निवासी ग्राम रूसल्ला, जिला सागर का कंपोजिट लाइसेंस निरस्त किया गया है।
इसी तरह बरेठी मदिरा दुकान SGR/10-B के लाइसेंसधारी यशवंत सिंह ठाकुर, निवासी हरीसिंह गौर वार्ड, बंडा का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया है।
जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर आगे भी जारी रहेगा सख्त एक्शन
बंडा शराब कांड के बाद प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अवैध या संदिग्ध मादक पदार्थों के कारोबार और लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने संकेत दिया है कि मामले की जांच के साथ दोषियों और उनसे जुड़े लोगों पर प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

